इथेनॉल प्लांट की दूषित जल से कोकोड़ी के किसानों की फसल बर्बाद, पैदावार में आई भारी कमी

कोंडागांव, 07 नवम्बर 2025। कोंडागांव विकासखंड के ग्राम पंचायत कोकोड़ी में स्थित मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण केंद्र एथेनॉल प्लांट से निकलने वाले प्रदूषित जल का दुष्प्रभाव अब क्षेत्र के किसानों पर साफ दिखाई देने लगा है। बारिश के मौसम में प्लांट से निकलने वाले दूषित जल के खेतों में फैलने से धान की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई थीं, और अब जब फसलें पककर तैयार हो चुकी हैं, तो किसानों को पैदावार में भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।

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स्थानीय किसानों ने जानकारी देते हुए बताया कि दूषित जल खेतों तक पहुंचने से धान के पौधों की वृद्धि पर प्रतिकूल असर पड़ा था। अब फसल कटाई के समय यह स्पष्ट हो गया है कि धान के दानों की भराई ठीक से नहीं हुई, जिसके चलते उत्पादन में लगभग 30 से 50 प्रतिशत तक की गिरावट देखी जा रही है। किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष जहां प्रति एकड़ औसतन 18 से 20 क्विंटल धान का उत्पादन होता था, वहीं इस बार मुश्किल से 8 से 10 क्विंटल ही मिल पा रहा है।

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स्थानीय किसानों ने बताया कि उन्होंने बार-बार इस समस्या की शिकायत पंचायत और संबंधित विभागों से की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि प्लांट से निकलने वाले गंदे पानी में रासायनिक अवशेष मौजूद हैं, जो मिट्टी की उर्वरता को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

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फसलों की खराब पैदावार से परेशान किसान अब प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसानों ने यह भी कहा कि यदि इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो आने वाले कृषि सत्र में खेती करना मुश्किल हो जाएगा।

 

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि प्रभावित खेतों का सर्वे कर नुकसान का आकलन किया जाए तथा जिम्मेदार कंपनी के खिलाफ पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाए।

 

उल्लेखनीय है कि मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण केंद्र एथेनॉल प्लांट को क्षेत्र के किसानों के हित में स्थापित किया गया था, ताकि मक्का उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिल सके। किंतु वर्तमान परिस्थिति में यह प्लांट अब किसानों के लिए नुकसान का कारण बनता नजर आ रहा है।

 

प्रशासनिक स्तर पर फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, पर ग्रामीणों की मांग है कि शीघ्र जांच दल गठित कर वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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