कन्या महाविद्यालय में रानीलक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन सत्र आयोजित
राजकीय कन्या महाविद्यालय प्रतापगढ़ में रानीलक्ष्मी बाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का समापन सत्र आयोजित हुआ। माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण द्वारा कार्यक्रम का आरम्भ किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नोडल प्राचार्य बी.एल. मीणा ने की। मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ.एस.एम.रॉय एवं विशिष्ट अतिथि हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण बिस्साके आतिथ्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. रॉय ने छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण की महत्ता बताई, आपने बताया की राज्य सरकार ने छात्राओं को उच्च शिक्षण संस्थान में भयमुक्त, सुरक्षित तथा स्वस्थ वातावरण का निर्माण करने के उद्देश्य से आत्मरक्षा केंद्र की स्थापना सभी ब्लॉक मुख्यालय पर की है ताकि सभी छात्राएं शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त और मजबूत बने। स्थानीय महाविद्यालय के वीरेन्द्र चंदेला ने छात्राओं को इस प्रशिक्षण में भाग लेने और सफलतापूर्वक पूर्ण करने की शुभकामनाएं दी। नोडल कॉलेज सहायक आचार्य ललित शर्मा ने छात्राओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण द्वारा आत्मविश्वास बढ़ाने और शारीरिक बल में वृद्धि का महत्वपूर्ण कारक बताया।
डॉ. अरुण बिस्सा ने छात्राओं को किसी दुर्घटना या आपातकालीन स्तिथि में प्राथमिक उपचार के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। आपने डमी के माध्यम से सीपीआर तकनीक के बारे में छात्राओं को जागरूक किया तथा बताया कि प्राथमिक उपचार की जानकारी प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जीमेदारी हैं। वर्षा जोगी तथा श्यामा मीणा ने शिविर के दौरान हुए अनुभव साझा किए। आत्मरक्षा प्रशिक्षक माया कंवर ने छात्राओं को आत्मरक्षा तकनीकों का प्रदर्शन करवाया।
सहायक आचार्य मनीष गुर्जर ने छात्राओं को एसआईआर परिगणना प्रपत्र ऑनलाइन भरने की जानकारी दी तथा कुछ छात्राओं के ऑनलाइन फॉर्म भरकर डेमो दिखाया।
आत्मरक्षा केंद्र संयोजिका ममता कुंवर राठौड़ ने 24 दिवसीय शिविर का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली सभी छात्राओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, तथा उत्कृष्ट प्रशिक्षु को सम्मानित किया गया।
अध्यक्षीय उद्बोधन में नोडल प्राचार्य ने छात्राओं को सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई प्रेषित की तथा बताया कि ये प्रशिक्षणन केवल आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करता हैं, बल्कि आपको शारीरिक रूप से भी सक्षम बनाता हैं। आत्मरक्षा की क्षमता होने से व्यक्ति का आत्म-सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्हें पता होता है कि वे संकट की स्थिति में अपनी रक्षा कर सकते हैं। यह प्रशिक्षण खासकर महिलाओं और लड़कियों को सबल और सुरक्षित महसूस कराता है। यह उन्हें विपरीत परिस्थितियों में अपनी रक्षा करने के गुर सिखाता है।
हेमराज यादव ने सभी अतिथियों, महाविद्यालय परिवार एवं छात्राओं को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन सहायक आचार्य अंजू मील ने किया। इस अवसर पर नोडल कॉलेज से विकास शर्मा, स्थानीय कॉलेज से नरेंद्र कुमार मैदा व अजीत रावल आदि भी उपस्थित रहे।
