कोंडागांव, 4 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर जहां पूरे प्रदेश में उत्सव की धूम रही, वहीं कोंडागांव जिला मुख्यालय से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिला कार्यालय परिसर में स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा की अनदेखी को लेकर लोगों में नाराजगी है।
मंगलवार शाम 4 बजे तक जिला प्रशासन की ओर से प्रतिमा स्थल पर न तो दीप प्रज्वलित किया गया, न फूल-माला अर्पित की गई और न ही किसी प्रकार की सजावट की गई। प्रतिमा पर धूल और दाग जमे हुए पाए गए, जिससे स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है।

लोगों का कहना है कि राज्य स्थापना दिवस जैसे गौरवशाली अवसर पर छत्तीसगढ़ की अस्मिता प्रतीक महतारी के प्रति सम्मान प्रदर्शित करना प्रशासन की जिम्मेदारी थी। लेकिन अधिकारियों ने इसे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
स्थानीय नागरिकों ने कहा,
> “राज्योत्सव के मंचों पर लाखों रुपये की सजावट और रोशनी की व्यवस्था की गई, लेकिन महतारी की मूर्ति के पास अंधियारा छाया रहा। यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता के प्रति अपमान है।”

गौरतलब है कि इस मूर्ति की स्थापना 26 सितंबर 2023 को जिला कार्यालय परिसर में की गई थी, जिस पर करीब 19 लाख रुपये की लागत आई थी। इसके बावजूद एक वर्ष के भीतर ही इसकी उपेक्षा साफ दिखाई दे रही है।
प्रदेश के अन्य जिलों से भी ऐसे मामले सामने आए हैं — रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति खंडित की गई थी, वहीं नारायणपुर में भी अनदेखी का मामला चर्चा में रहा। अब कोंडागांव भी इस सूची में शामिल हो गया है।

वहीं दूसरी ओर, राज्यभर में मुख्यमंत्री एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों ने छत्तीसगढ़ महतारी को श्रद्धासुमन अर्पित कर सम्मानित किया। राजधानी रायपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महतारी की प्रतिमा को दूध से नहलाकर आदर जताया।
कोंडागांव में प्रशासन की इस चूक ने पूरे नगर में चर्चा का विषय बना दिया है। लोगों ने मांग की है कि जिला प्रशासन तुरंत प्रतिमा की सफाई और उचित सम्मान की व्यवस्था करे, ताकि भविष्य में राज्य की गौरव प्रतीक छत्तीसगढ़ महतारी की ऐसी उपेक्षा न हो।
