फर्जी PSI बनकर करोड़ों की ठगी, डिजिटल अरेस्ट गैंग के 2 आरोपी गिरफ्तार

Anp News Live Breking रेंज साइबर थाना बिलासपुर पुलिस ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर बिलासपुर लाया गया है। आरोपियों ने पुलिस, ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई का भय दिखाकर एक महिला से 1 करोड़ 4 लाख 80 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की थी।

मामले में रेंज साइबर थाना बिलासपुर में अपराध क्रमांक 02/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 308(6), 3(5) एवं आईटी एक्ट की धारा 66C और 66D के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

 ऐसे दिया गया “डिजिटल अरेस्ट” का डर

पीड़िता के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल कर एक व्यक्ति ने खुद को “संजय PSI” बताते हुए संपर्क किया। आरोपियों ने महिला को बताया कि उनका नाम आतंकवादी संगठन से जुड़े मामले में सामने आया है और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है।

इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए महिला को कई घंटों तक तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” में रखा गया। आरोपी लगातार पुलिस, ईडी, आरबीआई और सुप्रीम कोर्ट का नाम लेकर महिला पर मानसिक दबाव बनाते रहे। इतना ही नहीं, परिवार से बात करने पर बेटे और अन्य परिजनों को भी केस में फंसाने की धमकी दी गई।

महिला को फर्जी सरकारी नोटिस, ईडी जांच दस्तावेज, सुप्रीम कोर्ट आदेश और आरबीआई नोटिस भेजकर यह विश्वास दिलाया गया कि उनके खिलाफ गंभीर जांच चल रही है। डर और मानसिक प्रताड़ना के कारण महिला आरोपियों के झांसे में आ गई।

 1.04 करोड़ की ऑनलाइन ठगी

आरोपियों ने महिला को अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। अलग-अलग तिथियों में कुल ₹1,04,80,000 विभिन्न खातों में ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद भी आरोपी “केस खत्म करने” के नाम पर अतिरिक्त ₹50 लाख की मांग कर रहे थे।

जब पीड़िता ने अपने पुत्र को पूरी जानकारी दी, तब मामले का खुलासा हुआ और साइबर थाना बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई गई।

 तकनीकी जांच से खुला नेटवर्क

मामला दर्ज होने के बाद साइबर पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की गहन तकनीकी जांच की। जांच में पता चला कि ठगी की रकम कई लेयर बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर की गई थी।

बैंकिंग ट्रेल और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर राजस्थान के चुरू जिले से दो आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

 गिरफ्तार आरोपी

रूपेन्द्र सिंह (21 वर्ष), निवासी ग्राम पोती, थाना रतननगर, जिला चुरू, राजस्थान

विशाल सिंह (20 वर्ष), निवासी ग्राम पोती, थाना रतननगर, जिला चुरू, राजस्थान

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे और ठगी की रकम निकालकर अन्य लोगों तक पहुंचाई थी।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।

 अन्य आरोपियों की तलाश जारी

साइबर पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की विस्तृत जांच कर रही है।

यह पूरी कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह और नोडल अधिकारी गगन कुमार के निर्देशन में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम द्वारा की गई।

Related Post