जांजगीर-चांपा जिले के जनपद पंचायत अकलतरा अंतर्गत ग्राम तिलई में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर हितग्राहियों के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बन रहा है। सुशासन तिहार के तहत आयोजित इस शिविर में चित्रलेखा को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) योजना के अंतर्गत आटाचक्की प्रदान की गई, जिसने उनके जीवन में आत्मनिर्भरता की नई उम्मीद जगा दी।
चित्रलेखा लंबे समय से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए रोजगार की तलाश में थीं। सीमित संसाधनों के कारण उन्हें स्थायी आय का कोई साधन नहीं मिल पा रहा था। ऐसे समय में सुशासन तिहार उनके लिए मदद और विश्वास का बड़ा मंच बनकर सामने आया। जनसमस्या निवारण शिविर में उन्हें तत्काल आटाचक्की उपलब्ध कराई गई। अब वे अपने गांव में ही लोगों को अनाज पिसाई की सुविधा प्रदान कर सकेंगी, जिससे उन्हें घर बैठे नियमित आय प्राप्त होगी। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस सहायता से न केवल उनका रोजगार शुरू होगा, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। चित्रलेखा ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाएं वास्तव में जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रही हैं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
