राजनांदगांव। कांग्रेस नेता चुम्मन साहू ने केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) ऋण में कथित कटौती को लेकर भाजपा सरकार पर बेहद आक्रामक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि किसानों का ऋण आधा करना सीधे-सीधे उनके हक पर डाका डालने जैसा है और यह फैसला भाजपा सरकार की किसान विरोधी सोच को उजागर करता है।
चुम्मन साहू ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बिना किसी लिखित आदेश के पर्दे के पीछे से मौखिक फरमान जारी कर किसानों के साथ खुला अन्याय कर रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एक तरफ भाजपा सरकार मंचों पर किसानों की आय दोगुनी करने के खोखले वादे करती है, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत में किसानों की सबसे बड़ी जरूरत कृषि ऋण को ही काटा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हालात ऐसे बन गए हैं कि किसान खाद, बीज और नगद की व्यवस्था के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। बढ़ती महंगाई, बीज-खाद और कीटनाशकों की आसमान छूती कीमतों के बीच यह कदम किसानों को कर्ज के दलदल में धकेलने की सोची-समझी चाल है।
उन्होंने दो टूक कहा कि अगर भाजपा सरकार ने कोई निर्णय लिया है तो उसे तुरंत सार्वजनिक करे, नहीं तो यह साफ है कि पूरी प्रक्रिया मनमानी और अपारदर्शी है। चुम्मन साहू ने मांग की कि केसीसी ऋण में की गई हर तरह की कटौती तुरंत वापस ली जाए और किसानों को उनका पूरा अधिकार दिया जाए।
चुम्मन साहू ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भाजपा सरकार ने किसानों के साथ यह अन्याय बंद नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। सड़क से लेकर सदन तक जोरदार आंदोलन छेड़ा जाएगा और भाजपा सरकार को हर मंच पर घेरा जाएगा।
