जिले के जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बरिडीह में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आरोप है कि अपात्र व्यक्ति को आवास का लाभ देकर दूसरे के मकान को जियो टैग कर ‘पूर्ण’ दिखा दिया गया।
बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण में जनपद पंचायत के अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकते हुए सरपंच, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और आवास मित्र ने आपसी मिलीभगत से फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। आरोप है कि सुनियोजित तरीके से नियमों को दरकिनार कर जियो टैगिंग में हेरफेर किया गया और वास्तविक निर्माण के बिना ही आवास को पूर्ण दर्शा दिया गया।
अपात्र को आवास स्वीकृति, आवास मित्र की मिलीभगत का आरोप

ग्राम पंचायत बरिडीह में सामने आए इस मामले में सिर्फ आवास मित्र ही नहीं, बल्कि सरपंच, पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की भी मिलीभगत के आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नियमों को दरकिनार करते हुए पहले से पक्का दो मंजिला मकान होने के बावजूद अपात्र हितग्राही को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया गया।
जियो टैगिंग नियमों की खुली अनदेखी

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्रत्येक किस्त जारी होने से पहले निर्माण स्थल की वास्तविक GPS आधारित फोटो अपलोड करना अनिवार्य होता है। लेकिन इस मामले में आवास मित्र नवल बंजारे द्वारा कथित रूप से नियमों की अनदेखी करते हुए फर्जी जियो टैगिंग की गई।
आरोप है कि बिना वास्तविक निर्माण के ही दूसरे के पक्के मकान की फोटो अपलोड कर दी गई और उसे लाभार्थी के नाम पर ‘पूर्ण’ दर्शा दिया गया। तस्वीरों में स्पष्ट रूप से निर्माण कार्य अधूरा या असंबंधित दिखाई देने के बावजूद पोर्टल पर मकान को पूरा दिखाया गया
ग्रामीणों में आक्रोश, जांच कर कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस फर्जीवाड़े में आवास मित्र, पंचायत सचिव और रोजगार सहायक की मिलीभगत है। वहीं पात्र हितग्राही आज भी कच्चे मकानों में रहने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने कलेक्टर और जनपद पंचायत सीईओ से मामले की निष्पक्ष जांच कर भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। साथ ही अपात्र हितग्राही से राशि की वसूली और दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह के मामलों पर रोक नहीं लगाई गई, तो शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य ही प्रभावित होगा।
