कोंडागांव, 10 अक्टूबर 2025: कोंडागांव जिले के ग्राम पंचायत करमरी के आश्रित ग्राम पखनाबेड़ा की प्राथमिक शाला में शिक्षा का अधिकार केवल कागज़ों पर रह गया है। यहां के हालात इतने चिंताजनक हैं कि बच्चे खुद प्रार्थना कर स्कूल बंद कर रहे हैं और बिना किसी देखरेख के घर लौट रहे हैं। वायरल हो रहे एक वीडियो ने शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
स्कूल में दो शिक्षक नियुक्त, लेकिन हाजिरी का कोई भरोसा नहीं
स्थानीय जानकारी के अनुसार, स्कूल में दो शिक्षक पदस्थ हैं, लेकिन उनकी उपस्थिति बेहद अनियमित है। कभी आते हैं, कभी नहीं। कई बार तो दोपहर 3 बजे से पहले ही स्कूल से चले जाते हैं, जबकि बच्चे स्कूल में अकेले रह जाते हैं — न कोई निगरानी, न सुरक्षा।
बच्चे असुरक्षित, स्कूल बना अनदेखा मैदान
शिक्षकों की गैरमौजूदगी में बच्चों के बीच झगड़े आम हो चुके हैं। बिना किसी वयस्क की देखरेख के कई बार बच्चे खुद ही छुट्टी की घंटी बजाकर स्कूल छोड़ देते हैं। हाल ही में सामने आया वीडियो इस सच्चाई को उजागर करता है — स्कूल में शिक्षक नदारद, और बच्चे अनुशासन में प्रार्थना कर लौट रहे हैं।

अंदरूनी गांव, बाहर प्रशासन — कोई नहीं देख रहा
पखनाबेड़ा एक सुदूर और अंदरूनी गांव है, जहां प्रशासनिक निगरानी नहीं के बराबर है। इसी का फायदा उठाकर शिक्षक अपनी जिम्मेदारी से लगातार भाग रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार शिकायत करने की कोशिश की लेकिन आज तक कोई अधिकारी संज्ञान लेने नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों की चेतावनी: जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो होगा विरोध प्रदर्शन
गांव के अभिभावकों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। वे जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से तत्काल जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अगर जल्द शिक्षक व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो ग्रामीण स्कूल के सामने धरना देने को मजबूर होंगे।
