जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों में गौवंशों की मौत के मामलों को देखते हुए अब प्रशासन और पुलिस एक्शन मोड में आ गए हैं। पिछले एक महीने के भीतर ही 50 से अधिक गौवंश हादसों में अपनी जान गंवा चुके हैं।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने अधिकारियों की बैठक लेकर कड़े निर्देश जारी किए। इसके तहत रात 10 बजे से सुबह 2 बजे तक पुलिस और प्रशासन की टीमें हाईवे और मुख्य सड़कों पर विशेष गश्त करेंगी। इस दौरान यदि मवेशी सड़क पर बैठे पाए जाते हैं तो उन्हें हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि हादसों के लिए जिम्मेदार पशु मालिकों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। मवेशियों पर टैग लगाने, ग्रामीणों और कोटवारों के माध्यम से मालिक की पहचान सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। अब तक दर्जनभर पशु मालिकों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है और आगे भी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
हालांकि, गौसेवकों और गौप्रेमियों का कहना है कि प्रशासन केवल कागज़ी कार्रवाई करता है, जबकि जमीनी स्तर पर बदलाव दिखाई नहीं देता। उनका आक्रोश इस बात पर है कि हादसे लगातार जारी हैं और गौवंशों की जान खतरे में बनी हुई है।
अब देखना होगा कि प्रशासन की यह नई पहल गौवंशों की सुरक्षा में कितनी कारगर साबित होती है, या फिर यह भी केवल बैठक और दावों तक ही सीमित रह जाती है।
