जीरो हादसा, जीरो चोरी: बालको की सुरक्षा प्रणाली बनी उद्योग के लिए मिसाल

 भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने वित्तीय वर्ष 2026 में लगातार दूसरे वर्ष शून्य सुरक्षा दुर्घटनाएं और शून्य चोरी की घटनाएं दर्ज कर औद्योगिक सुरक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम की है। इस उपलब्धि के पीछे सुरक्षा टीम के समर्पण को सम्मानित करने के लिए कंपनी ने ‘बड़ा खाना 2026’ के तीसरे संस्करण का आयोजन किया।

कंपनी ने इस वर्ष कुल घटनाओं में लगभग 15 प्रतिशत की कमी दर्ज करते हुए बिना किसी संचालन बाधा के सफल संचालन सुनिश्चित किया। यह उपलब्धि तकनीक-सक्षम निगरानी, डेटा आधारित विश्लेषण और अनुशासित कार्यप्रणाली के समन्वय से संभव हो पाई है।
बालको द्वारा वर्षभर में 55 लाख से अधिक कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों की आवाजाही तथा 1.25 लाख से अधिक वाहनों की गतिविधियों की निगरानी आधुनिक सर्विलांस सिस्टम और जीपीएस ट्रैकिंग के जरिए की गई। इसके साथ ही 1500 से अधिक ‘सुरक्षा मित्रों’ से मिले रियल-टाइम इनपुट के आधार पर लगभग 37 प्रतिशत संभावित घटनाओं को पहले ही रोक लिया गया, जो सामुदायिक सहभागिता की सफलता को दर्शाता है।
‘बड़ा खाना 2026’ कार्यक्रम में 200 से अधिक कर्मचारी, साझेदार और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जहां सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों और टीमों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं, जिसमें अग्नि सुरक्षा पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ने जागरूकता का संदेश दिया।
बालको के सीईओ राजेश कुमार सिंह ने कहा कि “जीरो हानि” केवल लक्ष्य नहीं बल्कि कार्य संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि तकनीक, मजबूत प्रक्रियाएं और टीम की प्रतिबद्धता ही इस सफलता की आधारशिला है, और भविष्य में भी सुरक्षा तंत्र को और उन्नत किया जाएगा।
कंपनी ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए स्वचालित निगरानी और सख्त अनुपालन प्रणाली लागू की है। साथ ही फायर और रेस्क्यू टीमों ने मॉक ड्रिल आयोजित कर आपातकालीन तैयारियों को बेहतर बनाया। 5500 से अधिक लोगों को अग्नि सुरक्षा, सीपीआर और आपातकालीन प्रतिक्रिया का प्रशिक्षण भी दिया गया।
बालको की सुरक्षा प्रणाली में 1600 से अधिक एआई आधारित कैमरे, 59 वाहनों की जीपीएस निगरानी, क्यूआर कोड आधारित पेट्रोलिंग, त्वरित प्रतिक्रिया टीम (QRT), 14 डॉग स्क्वाड और 100 प्रतिशत बायोमेट्रिक एक्सेस कंट्रोल जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। विशेष बात यह है कि सेंट्रल सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर पूरी तरह महिला संचालित है, जिसमें 11 ट्रांसजेंडर कर्मियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है।
कंपनी ने भविष्य में भी सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करने और नई तकनीकों को अपनाकर कार्यस्थल को और सुरक्षित बनाने की प्रतिबद्धता जताई है।

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