गाजीपुर में किसान आईडी अनिवार्य, बिना रजिस्ट्रेशन नहीं मिलेगा किसी भी योजना का लाभ

गाजीपुर। जनपद में चल रहे फॉर्मर रजिस्ट्री (किसान आईडी) अभियान को लेकर प्रशासन ने बड़ा अपडेट दिया है। जिला विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में हुई प्रेसवार्ता में स्पष्ट कर दिया गया कि अब किसान रजिस्ट्री के बिना किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।

 77% किसानों का हुआ रजिस्ट्रेशन, 1.29 लाख अभी बाकी

जनपद में कुल 5,71,518 किसानों में से 4,42,482 (77.45%) किसानों की किसान आईडी बन चुकी है, जबकि 1,29,036 किसान अब भी रजिस्ट्रेशन से वंचित हैं। प्रशासन ने इसे तेजी से पूरा करने के लिए अभियान को और तेज कर दिया है।

सभी किसानों के लिए अनिवार्य—PM किसान से जुड़े हों या नहीं

8 अप्रैल के शासनादेश के बाद अब हर किसान के लिए फॉर्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है। चाहे किसान पीएम किसान योजना का लाभार्थी हो या नहीं—अब सभी को रजिस्ट्रेशन कराना ही होगा।

बिना किसान आईडी नहीं मिलेगा ये लाभ

  1. उर्वरक और बीज
  2. फसल बीमा
  3. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
  4. पीएम किसान की अगली किस्त
  5. कृषि यंत्र और अन्य योजनाएं
  6. पशुपालन, मत्स्य, दुग्ध, सिंचाई जैसी योजनाएं
  7. गांव-गांव में कैंप, मौके पर हो रहा रजिस्ट्रेशन

6 अप्रैल से सभी ग्राम पंचायतों में कैंप लगाकर मौके पर ही किसान आईडी बनाई जा रही है। इसके अलावा जन सेवा केंद्र और मोबाइल ऐप के जरिए भी रजिस्ट्रेशन संभव है।

? प्रशासन की अपील:

किसान अपने साथ मोबाइल, आधार कार्ड और खतौनी लेकर नजदीकी कैंप या जन सेवा केंद्र पर तुरंत पहुंचें।

OTP को लेकर डरने की जरूरत नहीं

प्रशासन ने साफ किया है कि रजिस्ट्रेशन के दौरान OTP साझा करना प्रक्रिया का हिस्सा है। इसे लेखपाल या अधिकृत कर्मियों को अपनी उपस्थिति में बताने में कोई जोखिम नहीं है।

पराली जलाने पर सख्ती, सैटेलाइट से निगरानी

जनपद में इस साल आगजनी की 136 घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें ज्यादातर अज्ञात कारणों से लगीं। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि फसल अवशेष जलाने पर कड़ी कार्रवाई होगी।

जुर्माना तय:

  • 2 एकड़ तक: ₹5,000
  • 2 से 5 एकड़: ₹10,000
  • 5 एकड़ से अधिक: ₹30,000

प्रशासन का कहना है कि पराली जलाने से न सिर्फ प्रदूषण बढ़ता है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी खत्म होती है।

प्रशासन की सख्त चेतावनी

  • जल्द से जल्द किसान आईडी बनवाएं
  • पराली या कूड़ा जलाने से बचें
  • नियम तोड़ने पर जुर्माना तय

➡️ निष्कर्ष:

गाजीपुर में अब कृषि से जुड़ी हर सुविधा किसान आईडी से जुड़ चुकी है। जो किसान अभी तक रजिस्ट्रेशन से दूर हैं, उनके लिए यह आखिरी मौका माना जा रहा है।

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