बिलासपुर पुलिस ने कोटा क्षेत्र में हुए Blind Murder का महज तीन दिनों में खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक धीरज साहू (26 वर्ष) की हत्या कर शव को बांधा तालाब में फेंकने की घटना ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह (IPS) के दिशा-निर्देशन में थाना कोटा, ACCU, डॉग स्क्वाड और एफएसएल की संयुक्त टीम ने तकनीकी व वैज्ञानिक तरीकों से मामले की परतें खोलीं।
घटना कैसे सामने आई — गुमशुदगी से हत्या तक
1 दिसंबर को मृतक के परिजनों ने कोटा थाना में रिपोर्ट दी कि धीरज 30 नवंबर की रात पोल्ट्री फार्म में सोने गया था, लेकिन सुबह गायब मिला।
7 दिसंबर को ग्राम घोड़ा मार के बांधा तालाब में संदिग्ध शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची। पहचान धीरज साहू के रूप में हुई। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि पर मामला धारा 103(1), 238 BNS के तहत दर्ज किया गया।
तकनीकी जांच ने दिखाया रास्ता
सैकड़ों CCTV फुटेज का विश्लेषण
हजारों मोबाइल नंबरों का तकनीकी परीक्षण
मृतक के परिचितों, रिश्तेदारों और आखिरी संपर्कों से विस्तृत पूछताछ
इन सभी ने पुलिस को दो संदेहियों तक पहुँचाया।
आरोपियों ने तोड़ा मौन, कबूला अपराध
पुलिस पूछताछ मेंअनिल कुमार साहू (28 वर्ष) और जगन्नाथ उर्फ अंगद साहू (18 वर्ष) ने जुर्म स्वीकार कर लिया।दोनों ने बताया कि लगभग एक वर्ष पुरानी रंजिश के चलते धीरज की हत्या की योजना बनाई गई थी।
30 नवंबर को रात 11:30 बजे मोटर पंप निकालने के बहाने मृतक को बुलाया गया और चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। मृतक को पहचान न मिले, इसलिए शव पर पत्थर बाँधकर तालाब में फेंक दिया गया।
हत्या में प्रयुक्त चाकू, मोटरसाइकिल CG 10 BG 1727, मृतक के कपड़े और मोबाइल की बरामदगी भी की गई।
पुलिस टीम का उत्कृष्ट कार्य
इस खुलासे में थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग, ACCU प्रभारी निरीक्षक अजहरुद्दीन, उप निरीक्षक हेमंत आदित्य,चौकी प्रभारी हेमंत सिंह,डॉग स्क्वाड व एफएसएल टीमें तथा पुलिस जवानों की विशेष भूमिका रही।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
