विद्यार्थियों ने चित्रों और भाषणों के जरिए दिखाई विकसित भारत की कल्पना
आशीष श्रीवास / गौरेला पेंड्रा मरवाही
सेवा संकल्प अभियान के तहत मरवाही में विकासखंड स्तरीय भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित, विद्यार्थियों ने ‘विकसित भारत 2047’ और महिला सशक्तिकरण पर रखे विचार

मरवाही। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत विकासखंड मरवाही में विकासखंड स्तरीय भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन सोमवार, 28 सितंबर 2026 को डीएवी स्कूल कुम्हारी मरवाही में किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित किए जा रहे इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित प्रतियोगिता में विकासखंड के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा, कल्पनाशीलता और विचारों का प्रदर्शन किया।
‘विकसित भारत’ की तस्वीर को रंगों में उकेरा
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने ‘विकसित भारत’ की कल्पना को अपने चित्रों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। किसी चित्र में आधुनिक भारत की तस्वीर दिखाई दी तो किसी में शिक्षा, स्वच्छता, तकनीक, आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण को विकास की आधारशिला के रूप में प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पना और रचनात्मक सोच के जरिए यह बताने का प्रयास किया कि आने वाले समय में वे अपने देश को किस रूप में देखना चाहते हैं।

चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और विषय को समझने की क्षमता विशेष रूप से देखने को मिली। रंगों और रेखाओं के माध्यम से विद्यार्थियों ने विकसित भारत 2047 के सपने को कागज पर जीवंत करने का प्रयास किया।
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रखे भविष्य के भारत पर विचार
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने देश के भविष्य और विकसित भारत की संकल्पना पर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और युवाओं की भूमिका जैसे विषयों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में विद्यार्थियों और युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण होगी तथा आज की पीढ़ी की सोच और प्रयास ही आने वाले भारत की दिशा तय करेंगे।
विशेष रूप से ‘मेरे सपनों का भारत—विकसित भारत 2047 कैसा होगा?’ विषय पर विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाओं और भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त किया। वहीं महिला सशक्तिकरण के विषय पर भी विद्यार्थियों ने अपने विचार साझा करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में महिलाओं की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
विद्यार्थियों का बढ़ाया उत्साह, मंच पर बोलने के दिए ज्ञान
कार्यक्रम के दौरान नगर पंचायत मरवाही की अध्यक्ष श्रीमती मधु बाबा गुप्ता, विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री संजय वर्मा, डीएवी स्कूल कुम्हारी की प्राचार्य श्रीमती रश्मि मिश्रा तथा सेवा संकल्प अभियान के नोडल श्री नीरज राय ने प्रतियोगिता में शामिल विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री संजय वर्मा ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यक्तित्व निखारने के साथ-साथ मंच पर प्रभावी ढंग से बोलने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी गतिविधि में मंच पर बोलने के लिए निरंतर अभ्यास जरूरी है। नियमित अभ्यास से झिझक दूर होती है और मंच पर बोलने का आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी बात स्पष्ट, सहज और आत्मविश्वास के साथ रखने के लिए प्रेरित किया।
रचनात्मक गतिविधियों से बच्चों में बढ़ रहा आत्मविश्वास
कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने यह भी दर्शाया कि विद्यालयों में पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को बढ़ावा देने से बच्चों में आत्मविश्वास विकसित होता है। चित्रकला के माध्यम से जहां विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं को रंगों के जरिए व्यक्त करने का अवसर मिला, वहीं भाषण प्रतियोगिता ने उन्हें अपने विचारों को शब्दों के माध्यम से प्रस्तुत करने का मंच दिया।
आयोजकों के अनुसार इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, अभिव्यक्ति की क्षमता, नेतृत्व कौशल और मंचीय आत्मविश्वास विकसित करने में सहायक होती हैं। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर चलाए जा रहे अभियानों से विद्यार्थियों को जोड़ने से उनमें सामाजिक एवं राष्ट्रीय विषयों के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।
जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए विद्यार्थियों का चयन
विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का चयन आगामी जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया। चयनित विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। भाषण एवं चित्रकला दोनों विधाओं में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

भाषण प्रतियोगिता में प्रिंसी गुर्जर — मा.शा. कोटखरा, रविन्द्र सिंह — मा.शा. खुरपा, शुभम कैवर्त — मा.शा. सेमरदर्री, अंकिता धुर्वे — मा.शा. भस्कुरा तथा कल्याणी — प्रा.शा. बंशीताल का चयन किया गया।
इसी प्रकार चित्रकला प्रतियोगिता में राजीव कैवर्त — अनंत इंटरनेशनल स्कूल मरवाही, सुषमा ओटी — गो. पब्लिक धनोची, सहर्ष शुक्ला — सेजस, दीपिका — क.आ.वि. कुम्हारी तथा आरती कैवर्त — मा.शा. भरीडांड के नाम शामिल रहे।
विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थी और शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम में विकासखंड मरवाही के विभिन्न विद्यालयों से आए प्रतिभागी विद्यार्थियों के साथ शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं संकुल समन्वयक भी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का उत्साहवर्धन किया और प्रतियोगिता को सफल बनाने में सहयोग दिया।
कार्यक्रम का संचालन भरीडांड के संकुल समन्वयक श्री दिनेश अग्रवाल ने किया। उन्होंने सहज एवं प्रभावी अंदाज में कार्यक्रम का संचालन करते हुए विद्यार्थियों और उपस्थित शिक्षकों को जोड़े रखा।
‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प से जुड़ी विद्यार्थियों की सोच
मरवाही में आयोजित इस प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि इसमें विद्यार्थियों को केवल प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर ही नहीं मिला, बल्कि उन्हें देश के भविष्य को लेकर अपनी कल्पना और विचार व्यक्त करने का मंच भी मिला। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण जैसे विषय प्रमुख रूप से सामने आए।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि विकसित भारत का सपना केवल नीतियों और योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें नई पीढ़ी की सोच, शिक्षा, रचनात्मकता और भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। बच्चों ने अपने चित्रों और भाषणों के जरिए भविष्य के भारत की जो तस्वीर प्रस्तुत की, उसमें एक जागरूक, शिक्षित, आत्मविश्वासी और सशक्त समाज की कल्पना दिखाई दी।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित यह आयोजन विद्यार्थियों की प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्र निर्माण से जुड़े
