कोरबा। एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदानों और ऊर्जा नगरी के रूप में पहचाने जाने वाले कोरबा जिले को डीएमएफ से हर साल करोड़ों-अरबों का राजस्व लाभ होता है। बावजूद इसके जिले की सड़कों की हालत बदहाल है।
भाजपा नेता झामलाल साहू ने 9 सितम्बर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रभारी मंत्री अरुण साव को पत्र लिखकर कोरबा-सीतामणी गौ माता चौक से उरगा तक की जर्जर सड़क की मरम्मत और नियमित सफाई की मांग की है।
उन्होंने पत्र में उल्लेख किया कि इस मार्ग पर भारी मालवाहक वाहनों के कारण जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। बरसात में कीचड़ और बाकी दिनों में कोयला-राखड़ से उड़ने वाली धूल के कारण राहगीरों को भारी परेशानी व दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है।
साहू ने कहा कि यदि डीएमएफ की राशि से हर महीने मात्र 1 लाख रुपये सड़क की मरम्मत व सफाई कार्य पर खर्च किए जाएं तो इस मार्ग की दशा बदल सकती है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि खनिज संपदा से जिले को अरबों की आमदनी होती है लेकिन सड़कों की मरम्मत और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
