रायगढ़- सूर्योपासना के महापर्व छठ पूजा की आस्था और उल्लास से सोमवार को पूरा शहर भक्तिमय हो उठा। छठी मइया की आराधना में शहर के कोने-कोने से श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ घाटों की ओर रवाना हुए। इस अवसर पर रायगढ़ के प्रमुख घाट — सर्किट हाउस महादेव घाट, जूट मिल घाट, कयाघाट, बूढ़ी माई घाट सहित शहर के सभी तालाबों और नदी तटों को दीपों, झालरों और रंग-बिरंगे सजावटी सामान से आकर्षक रूप में सजाया गया था।
शाम चार बजे से ही श्रद्धालुगण अपने परिवारजनों के साथ पूजा-सामग्री, फल-फूल, और प्रसाद से सजी टोकरी सिर पर रखकर पारंपरिक लोकगीतों और ढोल-नगाड़ों की थाप पर नाचते-गाते हुए घाटों की ओर पहुंचे। हर ओर “छठी मइया की जय” के जयघोष गूंजते रहे और वातावरण में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित होकर अपने परिवार के सुख-समृद्धि और समाज के कल्याण की कामना करते हुए अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने पहुंचीं। नगर निगम और प्रशासन द्वारा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता के विशेष प्रबंध किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पूरे रायगढ़ में इस पर्व की रौनक दीपावली जैसी नजर आई। जगह-जगह दीपों की जगमगाहट, गीत-संगीत और पूजा-अर्चना के बीच श्रद्धा और भक्ति का माहौल देर रात तक बना रहा। मंगलवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर छठ पर्व का समापन होगा।
