अरनोद उपखंड में यूरिया खाद की किल्लत हो रही हैं अरनोद में यूरिया के लिए किसानों की लंबी लाइने दिखाई दी। एक और सरकार किसानों के हित के लिए कहीं योजनाएं निकालकर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है वहीं दूसरी ओर किसान यूरिया खाद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हो रहे हैं।
यह समस्या केवल इस बार की ही नहीं हमेशा इस सीजन के समय यूरिया खाद की किल्लत होती है और किसान खाद के लिए बड़ी राशि देने को भी मजबूर हो जाता है। स्टॉकिस्ट यूरिया खाद के बड़े-बड़े स्टॉक कर लेते हैं बाद में खाद की कमी के चलते ऊंचे दामों में बेचते हैं। सरकार को ईश्वरस और उचित कदम उठाना चाहिए और किसानों को सहज और उचित मूल्य में खाद उपलब्ध करवानी चाहिये जिससे किसानों को आर्थिक मानसिक और शारीरिक नुकसान नहीं हो।
वर्तमान में यूरिया कि मांग इस कदर है किसान सब काम छोड़ कर खाद के पीछे पड़ा है। आज अरनोद में यूरिया खाद की गाड़ी आई तो किसानों की लंबी लाइन लग गई। इस गाड़ी में करीब 400 यूरिया खाद के कट्टे थे जो कुछ ही देर में खाली हो गई।क्षेत्र में युरीया मांग तेजी से बढ़ रही है जिससे कालाबाज़ारी बढ़ रही है और किसान ऊँचे दामों पर यूरिया खाद खरीदने को मजबूर है।
इसी वजह से किसान घरेलू कामकाज भी छोड़कर सुबह से खाद बिक्री केंद्र पर पहुंचने शुरू हो जाते हैं इनमें महिला किसान भी शामिल हैं जो घर का कार्य छोड़कर यूरिया के लिए लाइनों में लगने को मजबूर हैं।
