कोण्डागांव, 26 नवम्बर 2025/ धान विक्रय से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) जिला परिषद, कोण्डागांव ने मंगलवार को जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में जिले के कई ग्रामों में किसानों की गिरदावरी नहीं होने, वनाधिकार पत्र धारक किसानों का धान विक्रय हेतु पंजीयन लंबित रहने और रकबे की त्रुटियों के कारण किसानों को हो रही भारी परेशानी को प्रमुख मुद्दा बनाया गया है।
सीपीआई ने बताया है कि बड़ी संख्या में किसान तहसील, वन विभाग और जिला कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समाधान अब तक नहीं मिला। पार्टी का आरोप है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों में व्यस्त हैं, जबकि किसान गंभीर संकट से गुजर रहे हैं।
समस्याएँ गंभीर, किसान ऋण चुकाने को परेशान
सीपीआई जिला सचिव शैलेश ने कहा कि गिरदावरी और पंजीयन नहीं होने से किसान धान बेच नहीं पा रहे हैं, जिसके चलते वे लेम्प्स व बैंकों से लिए गए ऋण चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का समय रहते समाधान नहीं हुआ और किसी किसान की चिंता में आत्महत्या जैसी घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ वर्ष पूर्व जिले के बड़ेराजपुर क्षेत्र में ऐसी ही परिस्थिति में एक आदिवासी किसान आत्महत्या कर चुका है।
जानबूझकर धान खरीदी कम करने का आरोप
सीपीआई ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक उदासीनता जानबूझकर अपनाई जा रही है, ताकि किसानों से धान खरीदी कम की जा सके। पार्टी ने कहा कि यह किसानों के अधिकारों की अनदेखी है और सरकारी तंत्र की प्राथमिकताएँ गलत दिशा में जाती दिखती हैं।
समाधान नहीं मिला तो होगा आंदोलन
सीपीआई ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो पार्टी जिले में व्यापक जनांदोलन शुरू करने को बाध्य होगी। पार्टी ने कहा कि आंदोलन की जिम्मेदारी पूरी तरह शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ग्राम भतवा, मगेदा, बागबेड़ा और ओटेंडा के किसान मौजूद रहे।
