कोंडागांव, 07 मई 2025: कोंडागांव जिले के विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बोलबोला के ग्रामीण बीते तीन दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। क्षेत्र में आई तेज आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्राकृतिक आपदा के कारण कई पेड़ गिर गए, जिससे बिजली के खंभे धराशायी हो गए और तारें जगह-जगह टूटकर सड़कों पर फैल गई हैं। इससे ना केवल आवागमन में दिक्कतें आ रही हैं, बल्कि ग्रामीणों की जान को भी खतरा बना हुआ है।
स्थानीय प्रशासन की चुप्पी पर ग्रामीणों का रोष
बोलबोला के ग्रामीणों ने बुधवार रात मीडिया को वीडियो और तस्वीरें भेजते हुए बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने और टूटे तारों की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी जा चुकी है, लेकिन बिजली विभाग और जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि "क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है?"
जिले में करंट से चार मौतें, डर का माहौल
मिली जानकारी के अनुसार, बीते तीन दिनों में कोंडागांव जिले के अलग-अलग हिस्सों में टूटे बिजली के तारों की चपेट में आने से दो महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में बोलबोला गांव में भी किसी अनहोनी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों को सड़क पार करते समय बिजली के बिखरे तारों के बीच से गुजरना पड़ रहा है, जिससे हर कदम पर जान का जोखिम बना हुआ है।
तत्काल हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तुरंत बिजली व्यवस्था बहाल की जाए, टूटे हुए खंभों को हटाया जाए और बिखरे तारों को सुरक्षित रूप से व्यवस्थित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके। साथ ही बिजली विभाग को निर्देशित किया जाए कि वे आपात स्थिति में शीघ्र राहत कार्य प्रारंभ करें।
यदि प्रशासन ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। जनहानि रोकने के लिए समय रहते कदम उठाना आवश्यक है।
