कोण्डागांव, 12 मई 2025: बस्तर की धरती, जो कभी नक्सली हिंसा के कारण दहशत में जीती थी, अब हरियाली और विकास की मिसाल बनने की ओर अग्रसर है। राज्य शासन और जल संसाधन विभाग इस क्षेत्र को सिंचाई योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसी क्रम में 10 मई को जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने कोण्डागांव जिले के मर्दापाल अंतर्गत सुदूर वनांचल क्षेत्रों का दौरा किया।
सचिव टोप्पो के साथ प्रमुख अभियंता इंद्रजीत ऊईके, मुख्य अभियंता केएस भंडारी, अधीक्षण अभियंता प्रणव पाल एवं कार्यपालन अभियंता खिलेश्वर साहू सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। सचिव ने मर्दापाल स्थित कुरुषनार व्यपवर्तन योजना का स्थलीय निरीक्षण कर योजना की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
इस मौके पर उन्होंने क्षेत्रीय किसानों से सीधे संवाद कर सिंचाई से जुड़ी उनकी समस्याओं को समझा। सचिव ने किसानों को भरोसा दिलाया कि राज्य शासन उनकी समस्याओं के समाधान हेतु गंभीर है और हर संभव प्रयास करेगा कि योजनाओं का लाभ उन्हें जल्द से जल्द मिले।
इस अभियान को नई ऊर्जा मिली है केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की उस पहल से, जिसमें उन्होंने बस्तर की ₹45,000 करोड़ की प्रस्तावित सिंचाई परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने का विचार प्रस्तुत किया है। यदि यह पहल साकार होती है, तो पूरे बस्तर संभाग में जल प्रबंधन और कृषि विकास का एक नया अध्याय शुरू हो सकता है।
विभागीय अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इस दौरे के बाद मर्दापाल और आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई योजनाओं का तेजी से विस्तार होगा और स्थानीय किसानों की आजीविका में सकारात्मक बदलाव आएगा।
