Anp News 8 साल में फेडरेशन की उपलब्धियां शून्य, पुराने नेतृत्व पर जताया भरोसा: जाकेश साहू

ANP News Live Raipur छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन के संस्थापक जाकेश साहू ने प्रदेश के शिक्षक संगठनों के नेतृत्व और उनकी उपलब्धियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले आठ वर्षों में सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन शिक्षकों की प्रमुख मांगों को पूरा कराने में सफल नहीं रहा, जबकि इससे पहले के आंदोलनों में शिक्षकों को महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हुए थे।

जाकेश साहू ने जारी बयान में कहा कि वर्ष 2017 के संविलयन आंदोलन और उससे पहले हुए शिक्षक आंदोलनों का नेतृत्व केदार जैन, संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे, विकास राजपूत सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने किया था। उनके अनुसार, इन्हीं आंदोलनों के परिणामस्वरूप शिक्षकों को संविलयन, पुनरीक्षित वेतनमान तथा अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलीं।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 के बाद बने संगठन का उद्देश्य सहायक शिक्षकों की मांगों को प्रभावी ढंग से उठाना था, लेकिन समय के साथ संगठन अपने मूल उद्देश्य से भटक गया। उनके मुताबिक, लंबे समय तक आंदोलन और बैठकों के बावजूद शिक्षकों की प्रमुख मांगों पर अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी।

जाकेश साहू ने कहा कि प्रदेश के शिक्षकों को पुराने और नए नेतृत्व की उपलब्धियों का तुलनात्मक मूल्यांकन करना चाहिए। उनका मानना है कि पूर्व के आंदोलनों से शिक्षकों को प्रत्यक्ष आर्थिक और सेवा संबंधी लाभ मिले, जबकि हाल के वर्षों में अपेक्षित परिणाम सामने नहीं आए।

उन्होंने प्रदेश के शिक्षक संगठनों से एकजुट होकर साझा मंच बनाने का आह्वान किया। साथ ही प्रथम सेवा गणना, वेतन विसंगति का निराकरण, क्रमोन्नति, पुरानी पेंशन योजना के लाभ तथा टीईटी की अनिवार्यता जैसे मुद्दों पर समन्वित आंदोलन चलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

जाकेश साहू ने शिक्षकों से अपील की कि वे संगठन और नेतृत्व का चयन करते समय उसके कार्यों और उपलब्धियों का मूल्यांकन करें तथा शिक्षकों के हितों को प्राथमिकता देने वाले नेतृत्व के साथ आगे बढ़ें।

नोट: यह समाचार संबंधित पक्ष द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति एवं दावों पर आधारित है। इसमें व्यक्त आरोप और विचार संबंधित वक्ता के हैं।

Related Post