- चर्चित पत्रकार अंकित दुबे ने पहल की और शिकायत सीधे योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा दी
गाजीपुर। मनिहारी विकास खंड अंतर्गत सरायसदकर गांव में स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय केंद्र की बदहाली अब चर्चा का विषय बन गई है। हैरानी की बात यह है कि जिस अस्पताल से पशुओं के इलाज की उम्मीद होती है, वहां खुद ताला लटका मिला।
इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए चर्चित पत्रकार अंकित दुबे ने पहल की और शिकायत सीधे योगी आदित्यनाथ तक पहुंचा दी। शिकायत होते ही पशुपालन विभाग में हड़कंप मच गया। बताया जाता है कि 1 मई 2026 को जब केंद्र का निरीक्षण किया गया, तो वहां न डॉक्टर मौजूद थे और न ही कोई कर्मचारी। इतना ही नहीं, इमरजेंसी के लिए कोई संपर्क नंबर तक नहीं लिखा गया था
जिससे पशुपालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मनिहारी के पशु चिकित्सा अधिकारी जयप्रकाश यादव ने अपनी तैनाती तो स्वीकार की, लेकिन ड्यूटी समय और उपस्थिति को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। वहीं, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी गाजीपुर से संपर्क की कोशिश भी नाकाम रही, उनका फोन रिसीव नहीं हुआ। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई गई है, ताकि जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सके और ग्रामीणों को बेहतर पशु चिकित्सा सेवा मिल सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि पशु उनके जीवनयापन का मुख्य आधार हैं
ऐसे में अस्पताल बंद रहना बड़ी लापरवाही है। जनहित के मुद्दों को उठाने के लिए जाने जाने वाले अंकित दुबे की इस पहल को क्षेत्रवासियों का भरपूर समर्थन मिल रहा है। अब सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है।
