कोंडागांव, (छत्तीसगढ़) 01 अक्टूबर 2025: महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा कोंडागांव जिले के करियाआमा, तोरंडी आंगनवाड़ी केंद्र में की गई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। एक पात्र उम्मीदवार ने विभाग पर वरीयता सूची की अनदेखी कर तीसरे नंबर की अभ्यर्थी को नियुक्त करने का आरोप लगाते हुए शिकायत पत्र दाखिल किया है।
कोंडागांव जिले के माकड़ी तहसील अंतर्गत ग्राम तोरंडी निवासी विमला नेताम पति ओम प्रकाश ने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को संबोधित शिकायत में दावा किया है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद के लिए जारी वरीयता सूची में उनके अंक 62.44% थे, जिसके साथ वह पहले स्थान पर थीं। उन्होंने तोरंडी की निवासी होने का वैध प्रमाण (वोटर कार्ड) भी प्रस्तुत किया था।
शिकायतकर्ता विमला नेताम का आरोप है कि नियमानुसार सबसे योग्य और प्रथम वरीयता पर होने के बावजूद, विभाग ने उनकी पात्रता को अनदेखा करते हुए तीसरे स्थान पर मौजूद उम्मीदवार नवनिता नाग पति सोपचंद नाग को नियुक्ति दे दी। विमला नेताम ने इसे गैर-कानूनी और गलत बताते हुए नवनिता नाग की नियुक्ति को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।
शिकायत पत्र में विमला नेताम ने अपील की है कि उनके आवेदन को स्वीकार कर, त्रुटिपूर्ण तरीके से की गई नियुक्ति को रद्द किया जाए और उनकी नियुक्ति प्रथम वरीयता के आधार पर की जाए।
इस मामले ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वही इस दौरान बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष देवलाल सोनवंशी ने भी इस मामले की घोर निंदा की है। उन्होंने कोंडागांव जिला प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच करते पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने अब मिडिया के माध्यम से जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। देखना होगा कि विभाग इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है।
