जनपद पंचायत लखनपुर के अंतर्गत आने वाले कई ग्राम पंचायतों में एक ही सचिव को दो से तीन पंचायतों का जिम्मा सौंपा गया है, जिससे ग्रामों में विकास कार्य ठप हो चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब सचिव एक पंचायत में उपस्थित होते हैं, तब बाकी पंचायतों के काम पूरी तरह से रुक जाते हैं। इस असमान पदस्थापना की वजह से प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, राशन कार्ड, पेंशन जैसी योजनाएं अटक गई हैं और गांव के युवा बेरोजगार होकर भटकने को मजबूर हैं।
खबर प्रकाशन के बाद भी नहीं हुई जांच
इस गंभीर विषय को लेकर पहले भी स्थानीय समाचार माध्यमों में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी, लेकिन अब तक जनपद पंचायत या जिला प्रशासन द्वारा कोई भी जांच कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों में प्रशासनिक उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों की मांग कि प्रत्येक पंचायत को स्वतंत्र सचिव पदस्थ किया जाए,विगत वर्षों के लंबित विकास कार्यों की सूची सार्वजनिक की जाए और जिन अधिकारियों की लापरवाही से विकास रुका है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
जिम्मेदारों की चुप्पी पर सवाल
वहीं जब इस विषय पर जनपद सीईओ से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई ठोस जवाब नहीं दिया। सवाल यह है कि जब मीडिया द्वारा पहले ही मुद्दा उजागर किया जा चुका है, तो अब तक जांच क्यों नहीं हुई?
