VSK ऐप से वेतन कटौती पर भड़के शिक्षक, जाकेश साहू की चेतावनी— "एक भी वेतन कटा तो पूरे प्रदेश में होगा आंदोलन"

रायपुर। वीएसके (VSK) ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं होने पर शिक्षकों के वेतन कटौती की चर्चाओं के बीच प्रदेशभर के शिक्षक संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। छत्तीसगढ़ जागरूक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ सहायक/समग्र शिक्षक फेडरेशन के संस्थापक जाकेश साहू ने सरकार के संभावित कदम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि यदि VSK ऐप के कारण प्रदेश के एक भी शिक्षक का वेतन रोका गया या काटा गया, तो पूरे छत्तीसगढ़ में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।

जाकेश साहू बोले— शिक्षकों को पढ़ाना है या परेशान करना?

जाकेश साहू ने कहा कि शिक्षक प्रतिदिन विद्यालय जाकर नियमित रूप से बच्चों को पढ़ाते हैं और उनकी उपस्थिति विद्यालय के उपस्थिति रजिस्टर में दर्ज होती है। ऐसे में केवल एक ऐप के आधार पर वेतन कटौती करना शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने देना चाहती है या उन्हें तकनीकी परेशानियों में उलझाना चाहती है।

"एक भी वेतन कटा तो जंतर-मंतर जैसी होगी लड़ाई"

उन्होंने कहा कि यदि किसी भी शिक्षक का वेतन VSK ऐप की वजह से प्रभावित हुआ तो दिल्ली के जंतर-मंतर की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिला मुख्यालय, 146 विकासखंड मुख्यालय, शहरों, कस्बों और गांवों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर शिक्षक स्कूल छोड़कर सड़कों पर उतरेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

पहले से मौजूद है निगरानी की पूरी व्यवस्था

शिक्षक संगठनों का कहना है कि स्कूलों में पहले से ही प्रधान पाठक, संकुल समन्वयक, बीईओ, बीआरसी, डीईओ, जिला प्रशासन और स्कूल प्रबंधन समिति जैसी निगरानी व्यवस्था मौजूद है। इसके अलावा स्थानीय ग्रामीण भी स्कूलों की गतिविधियों पर नजर रखते हैं। ऐसे में अलग से ऐप के जरिए उपस्थिति दर्ज कराने का दबाव उचित नहीं है।

नेटवर्क और सर्वर की समस्या भी बनी बड़ी चुनौती

शिक्षकों ने यह भी कहा कि प्रदेश के कई ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट की समस्या बनी रहती है। कई बार सर्वर भी काम नहीं करता, जिससे ऐप पर उपस्थिति दर्ज करना संभव नहीं हो पाता। ऐसे में तकनीकी कारणों से वेतन रोकना न्यायसंगत नहीं होगा।

सरकार से आदेश वापस लेने की मांग

शिक्षक संगठनों ने सरकार से मांग की है कि यदि VSK ऐप के आधार पर वेतन कटौती का कोई आदेश जारी किया गया है तो उसे तत्काल वापस लिया जाए। संगठनों का कहना है कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कार्य कर रहे हैं और उन्हें अनावश्यक तकनीकी दबाव में नहीं डाला जाना चाहिए।

अब सबकी नजर सरकार के फैसले पर

फिलहाल शिक्षक संगठनों के कड़े तेवर सामने आने के बाद अब यह देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है। यदि वेतन कटौती संबंधी कोई कार्रवाई होती है, तो प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन देखने को मिल सकता है।

Related Post