कोंडागांव, 22 नवंबर 2025। बस्तर संभाग में अवैध जुआ कारोबार का फैलता जाल एक बार फिर चर्चा में है। कोंडागांव जिले के स्थानीय हाट-बाजारों एवं मुर्गा लड़ाई के स्थलों पर प्रतिबंधित जुआ खुढ़खुढ़िया खुलेआम खेला जा रहा है। स्थिति यह है कि इन जगहों पर पेशेवर जुआरियों का प्रभाव साफ दिखाई देने लगा है, जबकि प्रशासन की कार्रवाई नगण्य दिखाई पड़ती है।
सूत्रों के अनुसार यह अवैध जुआ बीते कई महीनों से लगातार संचालित हो रहा है, जिसके बावजूद पुलिस प्रशासन द्वारा किसी तरह की प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इसी कड़ी में शनिवार दोपहर ग्राम दहिकोंगा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें शुक्रवार को आयोजित बाजार में खुलेआम जुआ खेलते लोगों की तस्वीरें नजर आ रही हैं।

इस तरह के अवैध जुए का असर अब समाज के कमजोर वर्गों, किसानों और युवाओं पर सीधे तौर पर पड़ रहा है। बाजार करने आए ग्रामीण और बेरोजगार युवा भाग्य आजमाने के नाम पर अपनी मेहनत की कमाई गंवा रहे हैं। यह स्थिति केवल आर्थिक नुकसान तक सीमित नहीं है—अक्सर जुआ नशे, विवाद, अपराध और दुर्घटनाओं का कारण भी बनता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों और जानकारी के बावजूद भी प्रशासन की कार्रवाई बेहद धीमी है। इससे कथित रूप से अवैध कारोबार चलाने वालों और जिम्मेदार तंत्र के बीच सांठगांठ की आशंका भी उठ रही है।
स्थानीय जागरूक नागरिकों की मांग
✔ प्रतिबंधित जुआ स्थलों पर तत्काल रेड
✔ जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो
✔ जुआ, नशा और अवैध गतिविधियों पर संयुक्त अभियान चलाया जाए
✔ युवाओं और ग्रामीणों को जागरूक करने पहल हो
अगर समय रहते प्रशासन इस बढ़ती अवैध गतिविधि पर रोक नहीं लगाता, तो कोंडागांव जिले में यह जुआ सिर्फ सामाजिक बुराई नहीं बल्कि अपराध तंत्र का हिस्सा बन सकता है।
यह मामला गंभीर है और प्रशासन द्वारा त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
