शासकीय इंजीनियर विश्वेसरैया स्नातकोत्तर महाविद्यालय परिसर में आज कन्या छात्रावास का शुभारंभ भव्य आयोजन के साथ किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, आबकारी एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर पीजी कॉलेज में 100 व 50 सीटर तथा मिनीमाता कन्या महाविद्यालय में 100 सीटर छात्रावास का शुभारंभ किया गया। मंत्री लखन लाल देवांगन ने रिबन काटकर छात्रावास का उद्घाटन किया और कॉलेज प्रबंधन को इसके सुव्यवस्थित संचालन की शुभकामनाएँ दीं।
अपने उद्बोधन में मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि छात्रावास संचालन से दूरस्थ अंचलों से पढ़ाई करने आने वाली छात्राओं को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं पिछड़े परिवार की योग्य छात्राओं की फीस का खर्च जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से उठाया जाएगा, ताकि कोई भी प्रतिभा पढ़ाई से वंचित न हो।
कार्यक्रम में विधायक कटघोरा प्रेमचंद पटेल और महापौर संजू देवी राजपूत ने भी छात्रावास के संचालन को बेटियों की शिक्षा और उनके उज्जवल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा कि छात्रावास में छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। शीघ्र ही सुरक्षा गार्ड, स्ट्रीट लाइट और अन्य आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रावासों के सुचारू संचालन हेतु कॉलेज स्तर पर समितियाँ बनाकर नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री देवांगन ने पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिलाओं को छात्रावासों में चतुर्थ श्रेणी पद पर नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए और उन्हें समाज की प्रेरणा बताया।
गौरतलब है कि जिला प्रशासन द्वारा दोनों महाविद्यालयों के छात्रावासों के संचालन हेतु लगभग 3 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसमें जीर्णोद्धार कार्य और आवश्यक सामग्री क्रय शामिल है।
कन्या छात्रावास की यह पहल न केवल शिक्षा को सशक्त बनाएगी, बल्कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों की छात्राओं को आत्मनिर्भरता और उज्जवल भविष्य की ओर प्रेरित करेगी।
