थाना सिविल लाइन में वर्ष 2019 में दर्ज करोड़ों की ठगी के एक हाई-प्रोफाइल मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने Bike Boat स्कीम के जरिए निवेशकों से 2800 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन आरोपी — संजय भाटी, करणपाल सिंह और राजेश भारद्वाज — को गिरफ्तार कर लिया है।
ठगी का तरीका
आरोपियों ने ओला-उबर की तर्ज पर मेसर्स गर्विट इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी के नाम से वर्ष 2017 में Bike Boat स्कीम शुरू की थी। इसके तहत लोगों से एक बाइक के बदले ₹62,000 निवेश करवाया जाता था, और हर महीने ₹9,765 का मुनाफा देने का झांसा दिया जाता था।
दर्जनों राज्यों में 200 से अधिक मामले
उत्तर प्रदेश– 150 केस
राजस्थान– 50 केस
मध्यप्रदेश– 6 केस
अन्य राज्य– गुजरात, तेलंगाना, हिमाचल, हरियाणा, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश आदि में भी केस दर्ज हैं।
आरोपी लगातार थे फरार
सिविल लाइन थाने में दर्ज मामले में आरोपी 2019 से फरार चल रहे थे। पुलिस और जांच एजेंसियां इनकी तलाश में वर्षों से जुटी थीं। आखिरकार रायपुर पुलिस ने पुख्ता सूचना के आधार पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।
2800 करोड़ की रिकवरी और ईडी की जांच जारी–
आरोपी खुद कबूल कर चुके हैं कि इस फर्जी स्कीम के जरिए 2800 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम जुटाई गई। प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले ही कई प्रकरणों में आरोपियों की संपत्ति अटैच कर चुकी है और आगे की कार्रवाई जारी है।
एएसपी लखन पटले ने कहा –
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पीड़ित निवेशकों की सूची तैयार कर ली गई है। इस केस में ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की भी मदद ली जा रही है।
