धान खरीदी सीज़न के दौरान किसान हितों को प्राथमिकता देते हुए इस वर्ष राज्य में खरीदी प्रबंधन को और अधिक सुव्यवस्थित तथा पारदर्शी बनाया गया है। आधुनिक सुविधाओं, तकनीक और सुचारु प्रक्रियाओं ने किसानों को राहत दी है। कोरबा जिले के ग्राम अरदा के किसान कृष्ण कुमार सिंह इसका स्पष्ट उदाहरण बनकर सामने आए हैं, जिन्होंने छुरी सहकारी समिति में बिना किसी परेशानी के अपना धान विक्रय किया।
कृष्ण कुमार सिंह ने अपनी एक एकड़ भूमि से उपजे 12 क्विंटल 80 किलो धान को केंद्र में बेचा। उन्होंने बताया कि तुहर टोकन ऐप ने पूरी प्रक्रिया को अत्यंत सरल बना दिया। घर बैठे टोकन प्राप्त होने से उन्हें न तो लाइन में लगना पड़ा और न ही किसी प्रकार की भीड़भाड़ की दिक्कत हुई। निर्धारित समय पर केंद्र पहुँचते ही तुलाई और अन्य औपचारिकताएँ तेजी से पूरी कर ली गईं।
किसान ने केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं की भी सराहना की—पर्याप्त बारदाना, सुव्यवस्थित तुलाई, सुरक्षित भंडारण व्यवस्था, पेयजल, डिजिटल भुगतान और स्टाफ का सहयोगी व्यवहार उनकी प्रक्रिया को सुगम बनाने में अहम रहा। उन्होंने बताया कि खरीदी केंद्र में कहीं भी अव्यवस्था या असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।
राज्य सरकार की किसान-उन्मुख नीतियाँ, तकनीकी साधनों का बेहतर उपयोग और जिला प्रशासन की सक्रिय निगरानी ने इस वर्ष धान खरीदी को और अधिक प्रभावी बनाया है। किसान कृष्ण कुमार सिंह की संतुष्टि दर्शाती है कि सरकारी प्रयास जमीनी स्तर पर परिणाम दे रहे हैं और किसानों को समय पर उचित मूल्य के साथ सुविधाजनक व्यवस्था मिल रही है।
धान खरीदी की पारदर्शी प्रक्रिया, समय पर भुगतान और उन्नत प्रबंधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ किसानों का विश्वास भी मजबूत कर रहे हैं।
