करंट ट्रैप से मौत — शव जलाकर साक्ष्य मिटाने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, दो बालक निरुद्ध

जिला बिलासपुर थाना कोटा क्षेत्र के ग्राम डिंडोल में जंगली जानवरों के शिकार के लिए लगाए गए अवैध बिजली के तारों ने एक व्यक्ति की जान ले ली। घटना को छिपाने के प्रयास में आरोपियों ने शव को आग के हवाले कर साक्ष्य नष्ट करने की कोशिश की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो विधि से संघर्षरत बालकों को निरुद्ध किया गया है।

 

घटना 29 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 के बीच दोषी मुंडा तालाब के पास की बताई जा रही है। मृतक की पहचान अयोध्या सिंह खुसरो (35 वर्ष), निवासी छिरहापारा धुमा (थाना तखतपुर) के रूप में हुई है। वह जंगल से गुजरते समय 11 केवी विद्युत पोल से जोड़े गए नंगे जीआई तार की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।

 

पुलिस के अनुसार, ग्राम नर्मदा डिंडोल के कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से जंगली जानवरों का शिकार करने हेतु बिजली के तार बिछाए गए थे। घटना के बाद आरोपियों ने पेट्रोल डालकर शव को जला दिया ताकि साक्ष्य नष्ट हो जाएं।

 

कोटा थाना प्रभारी तोप सिंह नवरंग के नेतृत्व में टीम ने लगातार निगरानी और घेराबंदी करते हुए आरोपियों —

 जान सिंह बैगा (48 वर्ष) व अनिल बैगा (25 वर्ष)

सहित दो विधि से संघर्षरत बालकों को हिरासत में लिया है।

फरार आरोपियों की तलाश अब भी जारी है।

 

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 238, और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

 

इस कार्रवाई में स.उ.नि. नहारू राम साहू, चन्द्रप्रकाश पाण्डेय, प्र.आर. सत्यप्रकाश यादव, आर. रविंद्र मिश्रा, आर. दीप सिंह कंवर, आर. प्रफुल्ल यादव, आर. विनोद यादव, आर. सोमेश्वर साहू एवं आर. संजय श्याम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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