देवल्दी में पुलिस का बड़ा अभियान, 7 बिना नंबरी मोटरसाइकिलें जब्त, एक शांति भंग में गिरफ्तार
अरनोद | अरनोद थाना क्षेत्र के गांव देवल्दी में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी तथा विभिन्न मामलों में वांछित अपराधियों की धरपकड़ को लेकर पुलिस ने सोमवार को बड़ा सर्च एवं दबिश अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर 7 बिना नंबरी मोटरसाइकिलें जब्त कीं, वहीं एक व्यक्ति को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक प्रतापगढ़ बी. आदित्य के निर्देशानुसार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्रसिंह जोधा के निर्देशन में की गई। अभियान का नेतृत्व वृत्ताधिकारी अरनोद चन्द्रशेखर पालीवाल ने किया। साथ ही प्रशिक्षु आरपीएस राहुल गोयल, शक्ति सिंह एवं थानाधिकारी अरनोद शिवलाल मीणा के नेतृत्व में कुल तीन पुलिस टीमों का गठन किया गया।
चारों ओर से घेराबंदी, भनक लगते ही फरार हुए आरोपी
4 जनवरी को पुलिस टीमों ने देवल्दी गांव में वांछित, इनामी एवं संदिग्ध अपराधियों की सकुनतों और संभावित ठिकानों पर चारों ओर से घेराबंदी कर दबिश दी। हालांकि, कार्रवाई की भनक लगने पर कई वांछित आरोपी अपने घरों से फरार हो गए।
एक गिरफ्तार, 7 वाहन जब्त
दबिश के दौरान अशोक पिता जियाराम विश्नोई (31 वर्ष) निवासी नांदिया प्रभावती, थाना भोपालगढ़, जिला जोधपुर को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही संदिग्ध हालत में मिली 7 बिना नंबरी मोटरसाइकिलों को जब्त किया गया।
कई राज्यों में वांछित हैं आरोपी
पुलिस के अनुसार देवल्दी गांव में एनडीपीएस एक्ट सहित गंभीर अपराधों में वांछित आरोपी मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित अन्य राज्यों में दर्ज मामलों में फरार चल रहे हैं। कई आरोपी इनामी भी घोषित हैं। पुलिस ने वांछित अपराधियों के परिजनों को पाबंद किया है कि वे आरोपियों को शीघ्र पुलिस के समक्ष पेश कराएं।
लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
थाना अधिकारी शिव लाल मीना ने वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा नाकाबंदी कर वाहनों की सघन जांच भी की गई। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धरपकड़ अभियान लगातार जारी रहेगा और अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
आमजन से अपील
थाना अधिकारी शिव लाल मीना ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को वांछित अपराधियों या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा तथा घोषित इनाम के अतिरिक्त उचित पुरस्कार भी दिया जाएगा।
