छत्तीसगढ़ में बढ़ती बिजली दरों के खिलाफ आम आदमी पार्टी (आप) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
जिला कोरबा के बालको स्थित रामलीला मैदान में आज विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और आम नागरिक शामिल हुए।
धरना स्थल पर “बिजली दर में वृद्धि वापस लो” और “जनता पर अत्याचार बंद करो” जैसे नारों के साथ प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे।
सरकार पर जनविरोधी नीतियों का आरोप
जिलाध्यक्ष रिचर्ड डेविड लोगन ने कहा कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार जनता की परेशानियों को नजरअंदाज कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य पहले से ही बिजली सरप्लस (अधिशेष) है, बावजूद इसके बिजली दरों में वृद्धि आम जनता के साथ अन्याय है।
पानी हमारा, कोयला हमारा, जमीन हमारी और उत्पादन हमारा — फिर बिजली इतनी महंगी क्यों? सरकार जनता की जेब से पैसा निकाल रही है
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वितरण कंपनी के घाटे का बहाना बनाकर निजी उद्योगपतियों को फायदा पहुँचा रही है।
“यह आम जनता नहीं, बल्कि कुछ बड़े उद्योगपतियों की सरकार है,” उन्होंने कहा।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपा गया ज्ञापन
धरना स्थल से प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर और एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में मांग की गई कि बिजली दर वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए और गरीब उपभोक्ताओं के बकाया बिल माफ किए जाएं।
आम आदमी पार्टी ने कहा कि बिजली वितरण कंपनी की लागत को कम करने की दिशा में कदम उठाए जाएं, न कि उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ाया जाए।
नेताओं ने रखी अपनी बातें
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश संगठन मंत्री आनंद ने कहा कि यह सरकार भ्रष्टाचार और उद्योगपति-मित्र नीति पर चल रही है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बिजली उत्पादन सस्ता है, लेकिन जनता से वसूली ज्यादा की जा रही है।
प्रदेश संयुक्त सचिव प्रतिमा सिन्हा ने कहा कि सरकार लाइन लॉस के नाम पर झूठे आंकड़े पेश कर रही है।
“वास्तविक लाइन लॉस 3% से अधिक नहीं है, जबकि सरकार इसे 20% बताती है ताकि दर बढ़ोतरी को जायज़ ठहराया जा सके।”
वहीं, लोकसभा सचिव शत्रुघन साहू और उपाध्यक्ष भूषण कुर्रे ने कहा कि
“बिजली कंपनियों ने हर महीने ‘ऊर्जा प्रभार’ और कई गैरज़रूरी चार्ज लगाकर जनता की जेब काटने का काम किया है।”
बिल वसूली और भ्रष्टाचार पर उठे सवाल
धरना स्थल पर मौजूद कई नागरिकों ने बताया कि उनके बिजली बिल पिछले महीनों में दोगुने से ज्यादा हो गए हैं।
वहीं, बड़े व्यापारियों और नेताओं के करोड़ों रुपए के बिजली बिल बकाया हैं, लेकिन सरकार उनसे वसूली नहीं कर रही।
“गरीबों से वसूली और अमीरों को छूट — यही इस सरकार की नीति बन चुकी है,” ऐसा कहना था आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का।
बड़ी संख्या में जनता हुई शामिल
धरना स्थल पर सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और आम जनता उपस्थित रही।
कार्यक्रम में पाली-तानाखार विधानसभा प्रभारी सोमरन सिंह, लोकसभा कोषाध्यक्ष लहना सिंह, कीर्तन दास, धरमदास गांधी,
मंजु सोनी, तेजमती उरांव, शालिनी, विजय नायक, रामलाल मार्को, भोला सोनवानी, कमलेश कुमार, रुकमणि साहू,
संगीता, सरस्वती, आशा, मधु, कार्तिक राम, दिनेश, शिला, वामन वडोदकर और अन्य कई कार्यकर्ता शामिल रहे।
धरना का मुख्य उद्देश्य
धरना का उद्देश्य छत्तीसगढ़ सरकार को यह संदेश देना था कि
जनता अब महंगी बिजली और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने के लिए तैयार है।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली दरों में कमी नहीं की गई तो आने वाले दिनों में राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
