रायपुर, 17 सितम्बर 2025: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज एक महीने की हो गई है, लेकिन इसके बावजूद उनकी मांगों पर सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। 18 अगस्त से शुरू हुई इस हड़ताल के दौरान कर्मचारी रोज़ नए-नए तरीकों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
धरना स्थल आज एक बार फिर कुछ अलग नज़र आया — पुरुष संविदाकर्मियों ने डीएनके कॉलोनी स्टेडियम में क्रिकेट खेलकर विरोध जताया, जबकि महिला कर्मचारियों ने अंताक्षरी और गीत-संगीत के माध्यम से अपनी नाराज़गी जाहिर की।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर केक काटा, उठाई मांगों के समाधान की उम्मीद

धरनारत कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर केक काटा और उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर संघ की ओर से पीएम मोदी से अपील की गई कि वे अपने जन्मदिन पर यह संकल्प लें कि NHM कर्मचारियों की 10 सूत्रीय मांगों को पूरा किया जाएगा।

"सरकार बर्खास्त करे तब भी नहीं लौटेंगे काम पर" — कर्मचारियों की दो टूक
संघ के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि शासन द्वारा सभी हड़ताली कर्मचारियों को अंतिम चेतावनी पत्र जारी कर कार्य पर तत्काल लौटने का आदेश दिया गया है। इसके बावजूद कर्मचारी अपने रुख पर अडिग हैं।
संघ का कहना है कि यदि मांगे नहीं मानी गईं तो वे बर्खास्तगी का खतरा उठाने को भी तैयार हैं, लेकिन बिना समाधान के कार्यस्थल पर वापस नहीं लौटेंगे।
राज्य भर में स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हैं और लगातार प्रदर्शन के बावजूद संविदा कर्मचारियों और शासन के बीच गतिरोध बरकरार है। अब देखना यह होगा कि सरकार इस आंदोलन को कैसे सुलझाती है — बातचीत से या दंडात्मक कार्रवाई से।
