वेदांता एल्युमिनियम की अनोखी सामाजिक पहल: 4,000 घंटे की सेवा, लाखों जीवन में खुशियों की रोशनी

बालकोनगर, 5 दिसंबर 2025। अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवक दिवस के अवसर पर वेदांता एल्युमिनियम ने सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल पेश करते हुए अपनी अब तक की सबसे बड़ी कर्मचारी-नेतृत्वित सामाजिक पहल को सफलतापूर्वक पूरा किया। कंपनी के 1,800 से अधिक कर्मचारियों ने मिलकर 4,000 घंटे से ज्यादा समय समाज सेवा में समर्पित किया, जिससे ओडिशा, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के 7 लाख से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिला।

 

सामुदायिक विकास के प्रति वेदांता की प्रतिबद्धता

 

वेदांता एल्युमिनियम लंबे समय से ‘समुदाय प्रथम’ की सोच पर कार्य करती है। कंपनी का मानना है कि विकास तभी सार्थक है जब वह अपने आस-पास के समाज के साथ मिलकर आगे बढ़े। इसी विश्वास के साथ कर्मचारी अपने नियमित कार्य के अलावा भी सामुदायिक कार्यों में स्वेच्छा से भाग लेते हैं।

 

कर्मचारियों ने पूरे वर्ष जिन प्रमुख क्षेत्रों में काम किया, उनमें शामिल हैं—

 

स्वास्थ्य सेवाएँ एवं रक्तदान शिविर

शिक्षा एवं डिजिटल लर्निंग समर्थन

महिला सशक्तिकरण एवं आजीविका कार्यक्रम

पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और जलस्रोत संरक्षण

युवाओं के लिए कौशल विकास एवं खेल प्रशिक्षण

इन गतिविधियों ने स्थानीय समुदायों में स्थायी सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

 

 कंपनी के सीईओ का बयान

 

वेदांता एल्युमिनियम के सीईओ श्री राजीव कुमार ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा:

“हमारी जिम्मेदारी केवल उद्योग संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि उन समुदायों तक भी है जहाँ हम कार्य करते हैं। इस वर्ष कर्मचारियों ने जिस तरह सेवा गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया, वह सामाजिक संवेदनशीलता और सकारात्मक बदलाव के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। 4,000 घंटे का योगदान हमारे कर्मचारियों की मानवता और समर्पण को दर्शाता है।”

 

 विभिन्न राज्यों में असर

 

कंपनी की सामाजिक पहलें कई राज्यों में विकास की नई दिशा दे रही हैं:

 

छत्तीसगढ़ (कोरबा)

महिला आजीविका कार्यक्रमों से प्रशिक्षित महिलाएँ विभिन्न बाजारों और प्रदर्शनियों में अपने उत्पाद प्रदर्शित कर रही हैं।

स्थानीय कौशल छोटे व्यवसायों में परिवर्तित हो रहे हैं।

 

 

ओडिशा (लांजीगढ़)

तीरंदाज़ी प्रशिक्षण से युवा राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रहे हैं।

पारंपरिक सौरा और ढोकरा कला को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे कारीगरों को नए बाजार मिल रहे हैं।

 

 

आंध्र प्रदेश (विशाखापत्तनम)

 

स्कूलों में डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट कक्षाओं और विज्ञान लैब की शुरुआत।

ग्रामीण स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से हज़ारों लोगों को चिकित्सा लाभ मिला।

 

 

 सामुदायिक जुड़ाव का बढ़ता दायरा

 

वेदांता एल्युमिनियम की यह पहल सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक लगातार चलने वाला सामाजिक आंदोलन बन चुकी है।

कंपनी का लक्ष्य है कि—

“एक कर्मचारी की सेवा, दस जीवनों में बदलाव”

का संदेश दूर-दूर तक पहुँचे।

 

निरंतर प्रयासों से यह अभियान शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और आजीविका के क्षेत्र में ठोस परिवर्तन ला रहा है।

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