धारा ग्राम योजना अंतर्गत गाजनोद में बांझपन निवारण शिविर संपन्न, 'गो रस एप' और आधुनिक तकनीकों से रूबरू हुए पशुपालक

धार  क्षीर धारा ग्राम योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और पशुओं में बांझपन की समस्या के स्थाई समाधान के उद्देश्य से ग्राम गाजनोद में एक दिवसीय बांझपन निवारण शिविर का सफल आयोजन किया गया।

 

 

 

पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. राकेश सिंह सिसोदिया, नोडल अधिकारी डॉ. विन्नी डामर एवं सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी टी. एस. जामोद की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर में पशुपालकों को समृद्ध बनाने के लिए कई आधुनिक जानकारियां दी गईं। कार्यक्रम में उपस्थित सभी पशुपालकों के मोबाइल में 'गो रस एप' डाउनलोड करवाया गया, ताकि वे अपने पशुओं को दी जाने वाली साइलेज (अचार चारा) और मिनरल मिक्सचर की सही व संतुलित मात्रा की डिजिटल जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकें। इसके साथ ही पशुपालकों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए सहकारिता समिति के सहयोग से मौके पर ही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के प्रकरण भी तैयार किए गए।

शिविर के दौरान विभागीय विशेषज्ञों द्वारा उन्नत पशुपालन के विभिन्न आयामों पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। इसमें मुख्य रूप से नस्ल सुधार, केवल बछिया पैदा करने वाली आधुनिक 'सेक्स सार्टेड सीमन' तकनीक से कृत्रिम गर्भाधान करवाने, पशुओं के लिए पौष्टिक एवं संतुलित आहार प्रबंधन, गर्भित पशुओं की विशेष देखभाल तथा वैज्ञानिक तरीकों से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के गुर सिखाए गए। इस दौरान ग्रामीणों की पशुपालन से जुड़ी शंकाओं का समाधान भी किया गया।

इस गरिमामयी ग्रामीण आयोजन में स्थानीय जन

तिनिधियों और विभिन्न विभागों का सराहनीय समन्वय देखने को मिला। शिविर में जनपद पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि शिवशंकर पाटीदार, सरपंच प्रतिनिधि सरदार निनामा एवं उपसरपंच आजाद पटेल विशेष रूप से मौजूद रहे और विभाग के इस प्रयास को सराहा। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में गौ सेवक शिवम पाटीदार, नंदी रक्षक मुकेश पाटीदार, बलराम जमरा, आर. के. दुबे सहित कृषि विभाग और वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा। शिविर में बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रबुद्ध पशुपालक और ग्रामीण जन उपस्थित थे।

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