दर-दर भटकने को मजबूर बेरोजगार युवक
नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन स्वयंसेवक भर्ती में नियमों की अनदेखी, चहेतों को मिला लाभ
अरनोद।
जिले के उपखंड अरनोद में नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन स्वयंसेवकों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। बेरोजगार युवकों का आरोप है कि भर्ती नियमों की खुलेआम अनदेखी कर अपने चहेते लोगों को पदों से नवाजा गया, जबकि योग्य और शारीरिक रूप से सक्षम युवकों को दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है।
नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों का मुख्य दायित्व प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, आगजनी एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में जोखिमपूर्ण कार्य करना होता है, जिसके लिए शारीरिक दक्षता अनिवार्य है। पूर्व में वर्ष 2022-23 में हुई भर्ती में शारीरिक दक्षता परीक्षण, लिखित एवं मौखिक परीक्षा के आधार पर मेरिट सूची तैयार की गई थी।
लेकिन वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में आरोप है कि नियम-कानून और दक्षता मानकों को दरकिनार कर मात्र संलग्न दस्तावेजों के आधार पर 25 प्रतिशत स्वयंसेवकों का चयन कर लिया गया, जबकि केवल 25 प्रतिशत अभ्यर्थियों की ही दौड़ करवाई गई। सूची में ऐसे कई नाम शामिल हैं जो निर्धारित आयु सीमा से अधिक हैं, फिर भी उन्हें भर्ती में सम्मिलित कर लिया गया।
बेरोजगार युवकों का कहना है कि कार्यालय में बैठकर अपने चहेतों का चयन किया गया तथा जितने पदों की मांग की गई, उतने ही लोगों को व्यक्तिगत रूप से फोन कर बुलाया गया। जबकि नियमानुसार सभी अभ्यर्थियों का आयु वर्ग अनुसार समूह बनाकर दौड़, उसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षण आयोजित किया जाना चाहिए था और पूरी प्रक्रिया में सभी आवेदकों को समान अवसर मिलना चाहिए था। इसके पश्चात ही 50 स्वयंसेवकों की अंतिम सूची जारी की जानी थी।
युवाओं ने यह भी बताया कि वर्तमान में डूंगरपुर जिले में हो रही भर्ती पूर्णतः शारीरिक दक्षता के आधार पर पारदर्शी तरीके से की जा रही है, लेकिन अरनोद में इससे उलट प्रक्रिया अपनाई गई।
बेरोजगार युवकों ने मांग की है कि इस भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर जिला मुख्यालय पर पुनः नियमों के अनुसार भर्ती का आयोजन किया जाए। युवाओं का कहना है कि वे कई बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन लगभग 700 बेरोजगार युवकों की अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है।
युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही भर्ती को रद्द कर वास्तविकता और पारदर्शिता के आधार पर नई सूची नहीं बनाई गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
