कोंडागांव, 17 अगस्त 2026। जिले के फरसगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम झाटीबन-आलोर की पहाड़ी गुफा में विराजमान प्रसिद्ध माता लिंगेश्वरी मंदिर का द्वार इस वर्ष 23 सितंबर 2026, बुधवार को श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा। मंदिर के वार्षिक दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह है और देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है।
लिंगेश्वरी मंदिर सेवा समिति ने सोमवार को फरसगांव रेस्टहाउस में आयोजित प्रेसवार्ता में मंदिर खोलने की तिथि की जानकारी दी। समिति ने बताया कि रविवार को हुई बैठक में इस वर्ष मंदिर खोलने की तिथि निर्धारित की गई है।
समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर आने वाले श्रद्धालु अपने साथ खीरा लेकर आएं। मान्यता के अनुसार निसंतान दंपती संतान प्राप्ति की कामना लेकर माता के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। बारिश के मौसम को देखते हुए समिति ने श्रद्धालुओं से रेनकोट और छाता साथ रखने की भी अपील की है।
दूसरे राज्यों से भी पहुंचते हैं श्रद्धालु
बस्तर की प्राकृतिक खूबसूरती से घिरी पहाड़ी की गुफा में शिवलिंग स्वरूप में विराजमान माता लिंगेश्वरी के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। हर वर्ष छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्त अपनी मनोकामना लेकर यहां पहुंचते हैं। विशेषकर संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपती बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचते हैं।

मंदिर परिसर की व्यवस्था के अनुसार श्रद्धालुओं को गुफा के अंदर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। बाहर से ही माता के दर्शन कराए जाएंगे। मंदिर खुलने से एक दिन पहले ही पहाड़ी के नीचे श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगती है। माता लिंगेश्वरी के वार्षिक दर्शन और मेले का भक्तों को पूरे वर्ष बेसब्री से इंतजार रहता है।
समिति पदाधिकारी रहे मौजूद
प्रेसवार्ता के दौरान लिंगेश्वरी मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष अंकालुराम मरकाम, सचिव दुकार नेताम, नंदलाल दीवान, बसंत नेताम, मानसिंह कोर्राम, फुलदास मरकाम, विष्णु मरकाम और ईश्वर दीवान उपस्थित रहे।
