जांजगीर-चांपा ग्राम पंचायत बिरगहनी (च) की देवकुमारी ने मेहनत और हुनर के बल पर अपनी जिंदगी में सकारात्मक बदलाव की मिसाल पेश की है। कभी परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करने वाली देवकुमारी आज श्रृंगार सदन एवं सिलाई सेंटर का संचालन कर परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं। कल्याणी बिहान स्व-सहायता समूह से जुड़कर वे ‘लखपति दीदी’ बनी साथ ही पशु सखी के रूप में ग्रामीण पशुपालकों की मदद भी कर रही हैं।
देवकुमारी ने छोटे स्तर पर श्रृंगार एवं सिलाई का काम शुरू किया था। निरंतर मेहनत से उन्होंने इसे अपनी आजीविका का मजबूत साधन बना लिया। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें विभिन्न गतिविधियों और शासन की योजनाओं से जुड़कर आगे बढ़ने का अवसर मिला। इससे उनकी आय बढ़ी और परिवार की आर्थिक जरूरतों में सहयोग करने का आत्मविश्वास मजबूत हुआ। श्रीमती देवकुमारी के परिवार को महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ मिला है। उनका कहना है कि इन योजनाओं से परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिली। इसके लिए वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
पशु सखी के रूप में देवकुमारी पशुपालकों को पशुओं की देखभाल, स्वास्थ्य और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग करती हैं। इस तरह वे अपनी आजीविका के साथ ग्रामीण परिवारों की मदद भी कर रही हैं। देवकुमारी का मानना है कि महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार आजीविका गतिविधियां शुरू करें, तो वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘कहानी बदलाव की’ पहल के माध्यम से उनकी कहानी यह संदेश देती है कि छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकते हैं।
