जांजगीर-चांपा वार्ड क्रमांक 12, नैला निवासी सरिता राठौर ने महतारी वंदन योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता का सदुपयोग कर दुग्ध व्यवसाय शुरू किया। आज इस व्यवसाय से वह प्रतिमाह लगभग 6 से 7 हजार रुपये की आय अर्जित कर परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे रही हैं। श्रीमती सरिता राठौर महतारी वंदन योजना की नियमित हितग्राही हैं। योजना के तहत प्रतिमाह प्राप्त होने वाली राशि को उन्होंने खर्च करने के बजाय योजनाबद्ध तरीके से बचत करना शुरू किया। संचित राशि से उन्होंने एक दुधारू गाय खरीदी और दुग्ध व्यवसाय की शुरुआत की।
गाय के दूध की बिक्री से आय प्राप्त होने लगी, जिसे उन्होंने दोबारा व्यवसाय में लगाया। धीरे-धीरे उन्होंने अन्य दुधारू गायें भी खरीदीं। मेहनत और लगन से शुरू किया गया यह छोटा व्यवसाय अब उनके लिए नियमित आय का साधन बन गया है। वर्तमान में दुग्ध व्यवसाय से उन्हें लगभग 6 से 7 हजार रुपये प्रतिमाह की आय हो रही है। इस आमदनी से वह परिवार की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहयोग कर रही हैं और परिवार की आर्थिक मजबूती में सहभागी बनी हैं।
श्रीमती सरिता राठौर का कहना है कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। उन्होंने सहायता राशि को बचाकर उसका उपयोग व्यवसाय शुरू करने में किया, जिससे आज उन्हें नियमित आमदनी हो रही है। सरिता की यह पहल बताती है कि शासकीय योजनाओं से प्राप्त आर्थिक सहायता का सही उपयोग कर महिलाएं स्वरोजगार की राह पर आगे बढ़ते हुए परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
