कोंडागांव, 29 जुलाई 2025: शहर के महात्मा गांधी वार्ड स्थित आड़का छेपड़ा स्कूल पिछले 12 वर्षों से जर्जर स्थिति में है, लेकिन जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी अब तक इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठा पाए हैं। यह स्कूल कोंडागांव कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने स्थित है और NH-30 जैसे व्यस्त मार्ग से सटा हुआ है, जिससे बच्चों को हमेशा सड़क दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
स्कूल में पहली से आठवीं तक के छोटे-छोटे बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन स्कूल भवन की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि किसी भी समय कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यहां के प्रधानाध्यापक कक्ष से लेकर छात्र-छात्राओं के कक्ष पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं।
तीन साल पहले नाली निर्माण के दौरान स्कूल की बाउंड्री वॉल को तोड़ा गया था, लेकिन आज तक उसे दोबारा नहीं बनाया गया। बिना बाउंड्री के इस स्कूल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में गहरी चिंता है।
समिति का आक्रोश, दिया गया ज्ञापन
विद्यालय की शाला समिति के अध्यक्ष रितेश कोर्राम ने बताया कि वे पिछले 10-12 वर्षों से लगातार कलेक्टर कार्यालय और जनप्रतिनिधियों को आवेदन दे रहे हैं, लेकिन आज तक किसी ने इस विषय पर ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा, “अभी हाल ही में 25 जुलाई को राजस्थान में एक प्राइमरी स्कूल भवन गिर गया, जिसमें 7 बच्चों की मौत हो गई और 30 घायल हुए। क्या हमारे अधिकारी भी किसी हादसे का इंतजार कर रहे हैं?”
विरोध प्रदर्शन की चेतावनी
अगर जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो सभी पालक स्कूल के सामने विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। शाला समिति की उपाध्यक्ष पूजा कोर्राम ने बताया कि आज 29 जुलाई को पुनः कलेक्टर महोदय को ज्ञापन सौंपा गया है। शिक्षा अधिकारी से भी मुलाकात कर विषय की गंभीरता से अवगत कराया गया, जिनकी ओर से जल्द समाधान का आश्वासन मिला है।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधि:
ज्ञापन देने वालों में शाला समिति अध्यक्ष रितेश कोर्राम, उपाध्यक्ष पूजा कोर्राम, सदस्य रेणुका दास मानिकपुरी, रूपा निषाद, दुर्गेश कोर्राम एवं गणेश जी उपस्थित रहे।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देगा, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा?
