कटघोरा में सड़क नहीं, जाम का संकट मुरली होटल बना अव्यवस्था का केंद्र,आदेश निष्क्रिय, जनता परेशान

कटघोरा शहर का मुरली होटल और उसके सामने स्थित बस स्टैंड इन दिनों ट्रैफिक जाम का प्रमुख केंद्र बन चुके हैं। हर दिन हजारों राहगीरों की जान खतरे में पड़ रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे हुए हैं।

बिलासपुर–कोरबा–अंबिकापुर मुख्य मार्ग पर स्थित यह क्षेत्र आजकल बेतरतीब वाहन पार्किंग, जाम और अफरा-तफरी का पर्याय बन गया है। होटल के सामने हर समय ट्रक, बाइक, ऑटो और निजी वाहन सड़कों को घेरे रहते हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को जान जोखिम में डालकर इस भीड़ में रास्ता बनाना पड़ता है।

2012 में नगर पालिका ने यहां नो-पार्किंग ज़ोन घोषित करते हुए पार्किंग पर प्रतिबंध लगाने का आदेश जारी किया था। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि उस आदेश का पालन आज तक नहीं हुआ। होटल प्रबंधन की ओर से पार्किंग की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, वहीं ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी शून्य है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यहां कोई गंभीर दुर्घटना होना तय है। लोगों की मांग है कि –

नो पार्किंग ज़ोन को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

ट्रैफिक नियंत्रण हेतु स्थायी पुलिस तैनात की जाए।

होटल को पार्किंग समाधान हेतु बाध्य किया जाए।

नियम तोड़ने वालों पर कठोर चालानी कार्रवाई हो।

 

जनता का सवाल सीधा है – क्या व्यवस्था तब ही जागेगी, जब कोई बड़ा हादसा होगा?

अब समय आ गया है कि प्रशासन नींद से जागे और सड़कों को फिर से सुरक्षित बनाए।

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