कोंडागांव, 12 अगस्त 2026। साइबर अपराधों से बचाव और डिजिटल सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से कोंडागांव पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा के निर्देशानुसार, उप पुलिस अधीक्षक एवं साइबर अधिकारी नरेंद्र पुजारी के पर्यवेक्षण तथा साइबर प्रभारी सौरभ उपाध्याय के मार्गदर्शन में साइबर विशेषज्ञ मनीष बोस द्वारा जिले में लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोंडागांव नगर में संचालित सुमित बाजार मॉल में कार्यरत समस्त कर्मचारियों को साइबर सुरक्षा एवं ऑनलाइन ठगी से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
साइबर विशेषज्ञ मनीष बोस ने कर्मचारियों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। साइबर ठग फर्जी कॉल, मैसेज, लिंक, सोशल मीडिया अकाउंट, ओटीपी, केवाईसी अपडेट सहित अन्य माध्यमों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, ओटीपी, पासवर्ड, एटीएम/बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने तथा संदिग्ध कॉल और मैसेज से सतर्क रहने की सलाह दी।

उन्होंने सोशल मीडिया अकाउंट की सुरक्षा, मजबूत पासवर्ड रखने, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का उपयोग करने और ऑनलाइन लेनदेन के दौरान विशेष सावधानी बरतने के संबंध में भी जानकारी दी।
साथ ही साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई। इसके अलावा साइबर अपराध से संबंधित शिकायत cybercrime.gov.in के माध्यम से भी दर्ज की जा सकती है।

जानकारी के मुताबिक, साइबर विशेषज्ञ मनीष बोस द्वारा पिछले एक वर्ष के दौरान 350 से अधिक साइबर जागरूकता शिविरों का सफल संचालन किया जा चुका है। इन शिविरों के माध्यम से स्कूल-कॉलेजों, संस्थानों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।

मनीष बोस ने कहा कि साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता और सतर्कता है। डिजिटल सुविधाओं का उपयोग करते समय थोड़ी सी सावधानी लोगों को बड़ी आर्थिक और व्यक्तिगत क्षति से बचा सकती है। सुमित बाजार के कर्मचारियों ने भी साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता जताई।
