कोंडागांव, 05 दिसंबर 2025 | कोंडागांव जिला मुख्यालय में लगभग 2 करोड़ रुपए की लागत से किए जा रहे बंधा गार्डन के रिनोवेशन कार्य में भारी लापरवाही उजागर हुई है। एक वर्ष से अधिक समय तक बंद रहने के बाद आज 5 दिसंबर 2025 शुक्रवार से गार्डन को आम जनता के लिए खोला जा रहा है, लेकिन हालात बदहाल हैं।
स्थानीय नागरिकों ने साफ कहा कि “रिनोवेशन सिर्फ कागजों में हुआ है, जमीनी हालात तो इससे बिल्कुल उलट हैं।”

इन गंभीर खामियों पर उठे सवाल
गार्डन में लगे झूले जंग खाए और टूटे हुए मिले।

वन्यजीवों की प्रतिमाएं टूटी पड़ी हैं।

पाथ-वे पर अनावश्यक रंगाई और बेतरतीब, ऊबड़-खाबड़ टाइल्स लगाई गई हैं।

फाउंटेन का कार्य अधूरा है।

गार्डन के बड़े हिस्से में जंगली झाड़ियां फैल गई हैं।

विद्युत व्यवस्था में शोपीस जैसे खंभे लगाए गए हैं, जिनमें कई जगह दोबारा मरम्मत की जरूरत है।
वाटर फाउंटेन में नवीनीकरण किए गए हिस्सों पर फिसलन वाली टाइल्स बिछी हुई हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर खतरा है।

नागरिकों का आरोप है कि इतने बड़े बजट के बावजूद निर्माण कार्यों में गुणवत्ता का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया, और अधिकांश काम “स्तरहीन” दिखाई दे रहे हैं।

नगर पालिका ने भी मानी खामियां

नगरपालिका सीएमओ दिनेश डे ने भी गार्डन की स्थिति पर सहमति जताते हुए बताया कि
“स्थानीय विधायक और कलेक्टर के निर्देश पर गार्डन आज से खोला जा रहा है, लेकिन गार्डन में अभी भी कई मरम्मत और साफ-सफाई के कार्य बाकी हैं।”

जिम्मेदार विभाग पर सवाल

लगभग एक साल के रिनोवेशन के बाद भी गार्डन की अव्यवस्था यह स्पष्ट करती है कि ठेकेदार व जिम्मेदार विभाग ने परियोजना पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया।
स्थानीय लोग अब इस बात की मांग कर रहे हैं कि रिनोवेशन में हुई लापरवाही की जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
