सीनियर सिटीजन को साइबर ठगी से बचाव की दी जानकारी

Anp News Live Janjgir Champa पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में जिले में चलाए जा रहे “सायबर जागृति अभियान” के तहत वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। 3 सितम्बर को जिला पंचायत के ऑडिटोरियम हॉल, जांजगीर में आयोजित कार्यक्रम में पेंशनर्स, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

 

कार्यक्रम का आयोजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जांजगीर डॉ. यूलैंडन यार्क के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों की जानकारी दी गई और ठगी से बचने के लिए आवश्यक सावधानियों के बारे में समझाइश दी गई।

 

पुलिस अधिकारी बनकर ठगी करने वालों से रहें सावधान

 

कार्यक्रम में बताया गया कि साइबर ठग अक्सर पुलिस, बैंक, न्यायालय, सरकारी विभाग या अन्य अधिकारी बनकर लोगों को डराने और झांसे में लेने का प्रयास करते हैं। कई बार ठग फोन पर गिरफ्तारी, बैंक खाता बंद होने या किसी आपराधिक मामले में फंसने का भय दिखाकर लोगों से पैसे की मांग करते हैं।

 

पुलिस अधिकारियों ने ऐसे मामलों में घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की। विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से सावधान रहने की समझाइश दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के दबाव में आकर पैसे ट्रांसफर न करें और न ही अपनी बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा करें।

 

OTP, PIN और बैंकिंग जानकारी साझा न करें

 

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में अपना OTP, ATM PIN, पासवर्ड, बैंक खाता संबंधी जानकारी या अन्य गोपनीय विवरण अनजान व्यक्ति को न दें। बैंक अथवा कोई सरकारी संस्था फोन पर इस प्रकार की संवेदनशील जानकारी नहीं मांगती।

 

उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि अनजान नंबरों से आने वाली कॉल, संदिग्ध संदेश और फर्जी अधिकारियों के दावों पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी प्रकार की शंका होने पर परिवार के सदस्यों या पुलिस से संपर्क करें।

 

संदिग्ध APK फाइल और लिंक से बचें

 

कार्यक्रम में WhatsApp, SMS और सोशल मीडिया के माध्यम से आने वाली संदिग्ध APK फाइलों को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने कहा गया। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल करवाकर मोबाइल का डेटा, OTP और बैंकिंग जानकारी चोरी कर सकते हैं।

 

इसलिए अनजान नंबर से भेजी गई किसी भी APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा अनजान एप्लीकेशन को मोबाइल में अनुमति नहीं देने की सलाह दी गई। पुलिस ने कहा कि किसी भी संदिग्ध लिंक, फाइल या संदेश के कारण परेशानी होने पर तुरंत संबंधित बैंक और पुलिस को सूचना दें।

 

ठगी होने पर तत्काल 1930 पर करें शिकायत

 

पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने वाले नागरिकों से बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को रोकने और आगे की कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।

 

कार्यक्रम के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने, डिजिटल लेन-देन में सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने का संदेश दिया गया।

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