Anp News Live Bilaspur बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) रामगोपाल गर्ग ने मंगलवार को रेंज स्तरीय अपराध एवं सुरक्षा समीक्षा बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में बिलासपुर सहित रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक में नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित मामलों के निराकरण, CCTNS और विभिन्न आईटी पोर्टल्स के शत-प्रतिशत उपयोग तथा गंभीर अपराधों पर नियंत्रण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में बिलासपुर, रायगढ़, मुंगेली, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती, जांजगीर-चांपा और सारंगढ़ सहित रेंज के अधिकारियों ने भाग लिया। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, रेंज कार्यालय के अधिकारी तथा एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के अधिकारी भी मौजूद रहे।
BNSS की समय-सीमा में चालान और खात्मा दाखिल करने पर जोर
IG गर्ग ने नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुगम और त्वरित बनाने के लिए न्याय संहिता डैशबोर्ड, ई-समन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल साक्ष्य प्रणाली के इस्तेमाल की प्रगति की समीक्षा की गई।
थानों में लंबित प्रकरणों की संख्या को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए पुराने मामलों के शीघ्र निराकरण पर विशेष जोर दिया गया। BNSS के तहत निर्धारित 60 और 90 दिनों की वैधानिक समय-सीमा के भीतर चालान या खात्मा रिपोर्ट प्रस्तुत करने का लक्ष्य तय किया गया। इसके लिए सभी राजपत्रित अधिकारियों को साप्ताहिक स्तर पर मामलों की निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
CCTNS और डिजिटल सिस्टम के 100 प्रतिशत उपयोग के निर्देश
बैठक में पुलिसिंग को तकनीक आधारित और पारदर्शी बनाने के लिए विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से MedLEaPR के माध्यम से डिजिटल एमएलआर और पीएमआर रिपोर्ट तैयार करने पर जोर दिया गया।
विवेचकों के डिजिटल हस्ताक्षर को आधार आधारित e-Sign से जोड़ने तथा शिकायतकर्ताओं के ई-साइन के लिए थानों में डिजिटल पेन और इलेक्ट्रॉनिक सिग्नेचर की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसी तरह e-Sakshya, e-Forensic और e-Malkhana का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जब्ती किए गए माल को ई-फॉरेंसिक प्रणाली के माध्यम से भेजने और मालखाने की व्यवस्था को पारदर्शी एवं बारकोड आधारित बनाने पर जोर दिया गया।
CCTNS में Integrated Investigation Forms (IIF-1 से 11) तथा ग्राम अपराध नोटबुक (VCNB) की प्रविष्टियों को राजस्व रिकॉर्ड के अनुरूप नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए।
NDPS मामलों में कार्रवाई के साथ वित्तीय जांच पर जोर
मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए IG ने NDPS मामलों में प्रक्रियात्मक त्रुटियों को रोकने पर विशेष ध्यान देने को कहा। नशीले पदार्थों की जब्ती के दौरान ANTF प्रभारी अथवा प्रशिक्षित अधिकारी की मौजूदगी में विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मादक पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल वाहनों को सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर फोटोग्राफी सहित संयुक्त इन्वेंट्री तैयार करने को कहा गया। आदतन तस्करों की संपत्तियों पर PIT-NDPS और SAFEMA के प्रावधानों के तहत कार्रवाई के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
गो-तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर निगरानी
गो-तस्करी के संगठित और अंतरराज्यीय गिरोहों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस अधिकारियों को तस्करी के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच करते हुए वित्तीय पहलुओं की भी पड़ताल करने को कहा गया।
आदतन तस्करों की गैंग हिस्ट्रीशीट खोलने, उनकी संपत्तियों को अटैच करने तथा जब्त वाहनों के त्वरित राजसात और सार्वजनिक नीलामी के लिए कलेक्टर कोर्ट से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। अंतरराज्यीय सीमाओं से जुड़े मार्गों पर चौबीसों घंटे सघन चेकिंग करने पर भी जोर दिया गया।
लापरवाही पर तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही
IG रामगोपाल गर्ग ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के साथ-साथ तकनीकी पोर्टल्स का शत-प्रतिशत उपयोग और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि CCTNS एवं आईटी पोर्टल्स के अनुपालन में लापरवाही, विवेचना संबंधी त्रुटियों और चालान प्रस्तुत करने की निर्धारित समय-सीमा का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
IG ने सभी अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की हिदायत दी।
