1 से 15 सितंबर तक साक्षरता पखवाड़ा, असाक्षरों के पंजीयन से लेकर जन-जागरूकता तक होंगे विविध कार्यक्रम

Anp News Live Sakti जिले में शिक्षा और साक्षरता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 1 से 15 सितंबर 2026 तक साक्षरता पखवाड़ा आयोजित किया जा रहा है। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, रायपुर के तत्वावधान तथा कलेक्टर जयश्री जैन के निर्देशन में आयोजित इस अभियान के माध्यम से 15 वर्ष से अधिक आयु के ऐसे लोगों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जो अभी तक पढ़ने-लिखने से वंचित हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. कुमुदिनी वाघ द्विवेदी के अनुसार यह अभियान राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत संचालित उल्लास-नवभारत साक्षरता कार्यक्रम का हिस्सा है। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल लोगों को पढ़ना-लिखना सिखाना ही नहीं, बल्कि उन्हें दैनिक जीवन में आवश्यक ज्ञान और बुनियादी शिक्षा से जोड़कर आत्मनिर्भर एवं जागरूक बनाना भी है।

घर-घर सर्वे कर खोजे जाएंगे असाक्षर

साक्षरता पखवाड़े के दौरान जिले में विशेष अभियान चलाकर असाक्षरों की पहचान की जाएगी। इसके लिए घर-घर सर्वेक्षण किया जाएगा और चिन्हित लोगों का उल्लास मोबाइल ऐप के माध्यम से पंजीयन कराया जाएगा।

अभियान में स्वयंसेवी शिक्षकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। स्वयंसेवी शिक्षक असाक्षर लोगों को शिक्षा से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करेंगे। प्रशासन का लक्ष्य है कि अभियान के दौरान चिन्हित सभी पात्र असाक्षरों का पोर्टल पर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जा सके।

उल्लास शपथ से होगी अभियान की शुरुआत

साक्षरता पखवाड़े के तहत निर्धारित कार्यक्रमों की श्रृंखला में उल्लास साक्षरता पखवाड़े का शुभारंभ और उल्लास शपथ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही असाक्षरों और स्वयंसेवी शिक्षकों का सर्वेक्षण तथा पंजीयन कार्य भी किया जाएगा।

विद्यालयों में साक्षरता को लेकर संगोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। ‘अंगूठे से कलम की ओर’ अभियान के माध्यम से शिक्षा के महत्व का संदेश आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

शिक्षक दिवस पर होंगे विशेष आयोजन

पखवाड़े के दौरान शिक्षक दिवस के अवसर पर भी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विद्यालयों और समुदाय स्तर पर साक्षरता के महत्व पर चर्चा के साथ लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया जाएगा।

इसके अलावा साक्षरता चौपाल के माध्यम से ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लोगों से सीधा संवाद किया जाएगा। चौपाल में शिक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं, असाक्षरता दूर करने के उपायों और उल्लास कार्यक्रम की जानकारी दी जाएगी।

गीत, नृत्य और चित्रकला से दिया जाएगा शिक्षा का संदेश

साक्षरता अभियान को रोचक और जनभागीदारी वाला बनाने के लिए विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। इनमें वाद-विवाद, गीत, नृत्य, पेंटिंग, चित्रकला और मेहंदी जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

‘सभी के लिए शिक्षा’ विषय पर केंद्रित चर्चाओं के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जाएगा कि शिक्षा किसी आयु या वर्ग तक सीमित नहीं है। हर व्यक्ति को सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर विशेष आयोजन

साक्षरता पखवाड़े के दौरान अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस भी विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर साक्षरता के महत्व और समाज के विकास में शिक्षा की भूमिका पर जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

देशव्यापी साक्षरता पखवाड़े के तहत जिले में भी व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

मनोरंजक तरीके से सीखेंगे उल्लास के शिक्षार्थी

अभियान में नवाचारी शिक्षकों को भी जोड़ा गया है। ऐसे शिक्षक उल्लास कार्यक्रम के शिक्षार्थियों के लिए मनोरंजक शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) का प्रदर्शन करेंगे। इसका उद्देश्य शिक्षार्थियों के लिए पढ़ाई को सरल, सहज और रुचिकर बनाना है।

इसके साथ ही वाचन दिवस का आयोजन किया जाएगा, ताकि नवसाक्षरों और शिक्षार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित हो सके।

डिजिटल और व्यावसायिक साक्षरता पर भी जोर

इस बार साक्षरता अभियान को केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं रखा गया है। कार्यक्रम में व्यावसायिक एवं डिजिटल साक्षरता से संबंधित गतिविधियों को भी शामिल किया गया है।

लोगों को डिजिटल माध्यमों के उपयोग और रोजमर्रा की जरूरतों में डिजिटल जानकारी के महत्व से अवगत कराया जाएगा। इसके अलावा रेडियो जिंगल और लघु फिल्मों के माध्यम से भी साक्षरता का संदेश प्रसारित किया जाएगा।

उल्लास मेला और हिंदी दिवस पर विशेष कार्यक्रम

साक्षरता पखवाड़े के दौरान उल्लास मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से लोगों को कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। वहीं हिंदी दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

पखवाड़े का समापन समारोह भी जनसमुदाय की सहभागिता के साथ आयोजित किया जाएगा।

जनभागीदारी से सफल बनाने का लक्ष्य

जिले में आयोजित होने वाला यह साक्षरता पखवाड़ा शिक्षा विभाग, विद्यालयों, स्वयंसेवी शिक्षकों, शिक्षार्थियों और आम नागरिकों की सहभागिता से संचालित होगा। अभियान का उद्देश्य जिले में असाक्षर लोगों की पहचान कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना और समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।

प्रशासन की ओर से आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और अपने आसपास ऐसे लोगों को शिक्षा से जोड़ने में मदद करें, जो अभी तक पढ़ने-लिखने से वंचित हैं। सामूहिक प्रयासों से ही ‘सभी के लिए शिक्षा’ के लक्ष्य को मजबूत आधार दिया जा सकता है।

 

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