किसानों को नजदीक में मिलेगी धान बेचने की सुविधा, खरीदी केंद्रों पर उपलब्ध होंगे जरूरी संसाधन

Anp News Live Sakti खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 और आगामी खरीफ विपणन वर्षों में किसानों को धान बेचने में सुविधा देने के उद्देश्य से सक्ती जिले में दो नए धान उपार्जन केंद्र खोलने की स्वीकृति दी गई है। राज्य शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने ठनगन और जेठा में नवीन धान उपार्जन केंद्र शुरू करने की अनुमति प्रदान की है।

शासन के जारी आदेश के अनुसार सहकारी समिति ठनगन के अंतर्गत ठनगन में तथा सहकारी समिति सक्ती के अंतर्गत जेठा में नया धान उपार्जन केंद्र स्थापित किया जाएगा। नए केंद्र शुरू होने से संबंधित क्षेत्रों के किसानों को धान विक्रय के लिए अपेक्षाकृत नजदीकी सुविधा उपलब्ध होगी।

खरीदी केंद्रों पर होंगी जरूरी व्यवस्थाएं

नवीन उपार्जन केंद्रों के संचालन के लिए शासन ने आवश्यक बुनियादी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रों के लिए पर्याप्त, समतल और ऊंची भूमि का चयन किया जाएगा, ताकि धान के सुरक्षित भंडारण और खरीदी प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न हो।

केंद्रों पर कंप्यूटर, प्रिंटर, यूपीएस और बायोमेट्रिक उपकरण समेत जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। किसानों के बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए प्रत्येक केंद्र में फिंगरप्रिंट और आइरिस डिवाइस की व्यवस्था भी की जाएगी।

इसके अलावा धान की गुणवत्ता जांच के लिए आर्द्रतामापी यंत्र, धान तौलने के लिए इलेक्ट्रॉनिक तौल उपकरण, पॉलीथिन कवर और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

इंटरनेट, बिजली और पेयजल की भी व्यवस्था

धान उपार्जन केंद्रों पर खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के लिए इंटरनेट कनेक्टिविटी के साथ विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पेयजल और यथासंभव सुगम पहुंच मार्ग की व्यवस्था भी की जाएगी।

नए केंद्रों से किन-किन आसपास के गांवों के किसान धान बेच सकेंगे, इसका निर्धारण कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। इससे संबंधित ग्रामों के किसानों को अपने धान की बिक्री के लिए उपयुक्त केंद्र की जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सकेगी।

पोर्टल पर होगी केंद्रों की मैपिंग

दोनों नवीन धान उपार्जन केंद्रों से संबंधित जानकारी की भारत सरकार के P-CSAP पोर्टल पर मैपिंग की जाएगी। केंद्र से जुड़ी आवश्यक जानकारी पोर्टल पर दर्ज करने की जिम्मेदारी संबंधित समिति द्वारा पूरी की जाएगी।

शासन के निर्देशों के अनुरूप दोनों नए उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी शुरू होने से पहले सभी जरूरी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाएंगी। प्रशासन और संबंधित समितियों का प्रयास रहेगा कि किसानों को धान विक्रय के दौरान आवश्यक सुविधाएं मिलें और खरीदी प्रक्रिया व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित हो।

 

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