महिला चिकित्सकों की तैनाती से दपूमरे में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत

रेलवे कर्मचारियों, उनके आश्रितों एवं पेंशनरों को बेहतर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का चिकित्सा विभाग लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मजबूत, संवेदनशील और समावेशी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

इसी क्रम में छिंदवाड़ा रेलवे स्वास्थ्य इकाई में महिला चिकित्सक की सेवाएं प्रारंभ कर दी गई हैं। इसके साथ ही नागभीड़ रेलवे स्वास्थ्य इकाई तथा उप-मंडलीय रेलवे चिकित्सालय नैनपुर में भी शीघ्र महिला चिकित्सकों की सेवाएं शुरू की जाएंगी। इस व्यवस्था से इन क्षेत्रों में कार्यरत महिला रेलवे कर्मचारियों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

महिला चिकित्सकों की पदस्थापना से महिला रोगियों को परामर्श और उपचार के लिए अधिक सहज वातावरण मिलेगा। समयबद्ध जांच, गोपनीयता और संवेदनशील देखभाल जैसी सुविधाओं से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में स्पष्ट सुधार होगा। विशेष रूप से महिला कर्मचारियों एवं आश्रितों के लिए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगी।

समान उद्देश्य के तहत रायपुर और बिलासपुर मंडल की रेलवे स्वास्थ्य इकाइयों में भी महिला चिकित्सकों की सेवा व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इसके माध्यम से इन मंडलों में कार्यरत रेलकर्मियों और उनके परिवारजनों को भी बेहतर, सुलभ और भरोसेमंद स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

रेलवे प्रशासन का मानना है कि महिला चिकित्सकों की उपलब्धता से चिकित्सकीय कार्यभार का संतुलन स्थापित होगा, मरीजों को समय पर समुचित उपचार मिलेगा तथा रेलवे स्वास्थ्य सेवाओं की समग्र कार्यक्षमता और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की स्वास्थ्य इकाइयों में महिला चिकित्सकों की तैनाती, चिकित्सा विभाग की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत रेलकर्मियों और उनके परिवारजनों के स्वास्थ्य संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यह पहल रेलवे की मानव-केंद्रित सोच और संवेदनशील प्रशासन का सशक्त उदाहरण है।

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