रिपोर्ट- अंकित दुबे गाजीपुर
- पांच लाख के इलाज का झांसा- हाथ में थमा दिया फर्जी आयुष्मान कार्ड
- गरीब परिवार से 20 हजार वसूलने का आरोप, जांच में खुल सकता है बड़ा नेटवर्क
Anp News Live गाजीपुर। सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। आरोप है कि एक जनसेवा केंद्र संचालक ने गरीब परिवार को पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज का सपना दिखाकर न सिर्फ फर्जी आयुष्मान कार्ड थमा दिया, बल्कि इसके एवज में 20 हजार रुपये भी वसूल लिए। अब मामला थाने पहुंच चुका है और पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
पीड़ित परिवार के मुताबिक, वर्ष 2021 में रायपुर बहरियाबाद स्थित RG कंप्यूटर इंस्टीट्यूट के माध्यम से उनकी बेटी अंजली चौहान का आयुष्मान कार्ड बनाया गया था। परिवार को भरोसा दिलाया गया कि इस कार्ड से बड़े अस्पतालों में मुफ्त इलाज कराया जा सकेगा। लेकिन जब हाल ही में परिवार इलाज कराने अस्पताल पहुंचा तो जांच में बड़ा खुलासा हुआ।
अस्पताल के रिकॉर्ड में जिस कार्ड को अंजली चौहान का बताया गया था, उसमें पहले से “अंजली कुमारी” नाम दर्ज मिला, जो आजमगढ़ जनपद की निवासी बताई जा रही है। यह देखते ही अस्पताल कर्मियों ने कार्ड को संदिग्ध और फर्जी बता दिया। इसके बाद परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। 
पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने CSC संचालक रितिक गुप्ता से इस मामले की शिकायत की तो पहले उन्होंने कार्ड अपने यहां से बनने से साफ इनकार कर दिया। लेकिन बाद में बातचीत के दौरान कथित रूप से यह कहा गया कि “कार्ड सरेंडर कर दो, पैसा वापस मिल जाएगा।” अब इस कथित बातचीत ने पूरे मामले को और संदिग्ध बना दिया है।
बड़ा सवाल — क्या चल रहा है आयुष्मान कार्ड का खेल?
ग्रामीणों में चर्चा है कि अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच हुई तो कई और फर्जी कार्डों का खुलासा हो सकता है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर फर्जी कार्ड के जरिए इलाज की प्रक्रिया तक कैसे पहुंच बनाई गई? क्या इस पूरे खेल में कुछ अस्पताल संचालकों की भी मिलीभगत है?
गरीबों की योजना पर डाका?
आयुष्मान भारत योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए शुरू की गई थी, लेकिन अब इसी योजना के नाम पर कथित ठगी और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे लोग गरीबों की मजबूरी को कमाई का जरिया बना रहे हैं।
फिलहाल पीड़ित परिवार ने नजदीकी थाने में लिखित शिकायत देकर CSC संचालक रितिक गुप्ता पर फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने और 20 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
अब सबकी नजर पुलिस जांच पर
अगर जांच निष्पक्ष हुई तो आयुष्मान योजना के नाम पर चल रहे बड़े फर्जी नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है। साथ ही यह भी सामने आ सकता है कि अब तक कितने लोगों को इसी तरह फर्जी कार्ड थमाकर ठगी का शिकार बनाया गया।
