मलेरिया के खिलाफ बालको का अभियान: गांव-गांव पहुंची स्वास्थ्य जागरूकता

भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने प्रोजेक्ट आरोग्य के तहत आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया जागरूकता अभियान चलाया। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य लोगों को मलेरिया से बचाव, समय पर पहचान और उपचार के प्रति जागरूक करना है।

इस वर्ष अभियान को “मलेरिया का खात्मा संभव है: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” थीम के तहत संचालित किया गया। अभियान के माध्यम से विशेष रूप से ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया गया।

बालको द्वारा संचालित प्रोजेक्ट आरोग्य के अंतर्गत पिछले एक वर्ष में 1.4 लाख से अधिक लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई गई हैं। घर-घर संपर्क, सामुदायिक बैठकों और स्वास्थ्य शिविरों के जरिए लोगों को मलेरिया के शुरुआती लक्षण जैसे बुखार, ठंड लगना और अत्यधिक पसीना आने के बारे में जानकारी दी जा रही है, ताकि समय पर जांच और इलाज सुनिश्चित हो सके।

अभियान के दौरान मलेरिया से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के साथ-साथ मच्छरदानी के नियमित उपयोग और आसपास पानी जमा नहीं होने देने जैसे बचाव उपायों पर भी विशेष जोर दिया गया। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ्य सहायता, पोषण सामग्री और मुफ्त जांच की व्यवस्था की गई।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा कि स्वस्थ और सशक्त समुदाय ही विकास की असली नींव हैं। उन्होंने बताया कि प्रोजेक्ट आरोग्य के माध्यम से स्थानीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है और बीमारी की रोकथाम के साथ लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।

बालको ने दूरस्थ गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए मोबाइल हेल्थ वैन भी शुरू की हैं। वित्त वर्ष 2026 में 25 हजार से अधिक लोगों को इसका लाभ मिला है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण जागरूकता और नियमित स्वास्थ्य जांच जैसे कार्यक्रमों के जरिए कंपनी ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

Related Post