कोंडागांव, 20 अक्टूबर 2025: दीपावली पर्व के मद्देनज़र जिला मुख्यालय कोंडागांव में सजावट का बाजार पूरी तरह से सज चुका है। बस स्टैंड क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में आर्टिफिशियल सजावटी फूलों की सैकड़ों दुकानें लगाई गई हैं। बावजूद इसके, स्थानीय नागरिकों में पारंपरिक गेंदे के ताजे फूलों की माला को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया।
आज शाम करीब 4 बजे नगर के प्रमुख बाजार क्षेत्र में गेंदे की फूल मालाओं की खरीदी के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। आस्था, परंपरा और धार्मिक भावना से जुड़ी दिवाली जैसे पर्वों में, भले ही बाजार में कृत्रिम सजावटी सामग्री की भरमार हो, लेकिन ताजे और प्राकृतिक फूलों की मांग आज भी पहले जैसी ही बनी हुई है।

एक फूल माला विक्रेता ने बातचीत में बताया, "हमें इस बार उम्मीद थी कि आर्टिफिशियल फूलों की वजह से डिमांड कम रहेगी, लेकिन हुआ इसका उल्टा। इस साल उम्मीद से ज्यादा बिक्री हुई और आमदनी भी अच्छी रही।"

स्थानीय दुकानदारों का मानना है कि आर्टिफिशियल चीजें चाहे कितनी भी सुंदर क्यों न हों, प्राकृतिक फूलों की सुगंध और ताजगी का कोई विकल्प नहीं है। धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा-पाठ में अब भी लोग ओरिजिनल फूलों को ही प्राथमिकता देते हैं।

कोंडागांव में इस वर्ष की दिवाली एक बार फिर यह साबित कर गई कि परंपरा और प्रकृति से जुड़ी चीजों की अपनी अलग ही अहमियत होती है, जो समय के साथ भी फीकी नहीं पड़ती।
